Gaya: बेलागंज से तीन व इमामगंज से एक प्रत्याशी का नामांकन हुआ रद्द, जानें नाम

Gaya: बिहार विधानसभा उपचुनाव को लेकर हुए नामांकन की समीक्षा के बाद तीन उम्मीदवारों का नामांकन रद्द हुआ है.

Gaya: बिहार विधानसभा उपचुनाव के तहत गया जिले के दो विधानसभा क्षेत्र इमामगंज व बेलागंज में 13 नवंबर को मतदान की तिथि निर्धारित है. शुक्रवार को नामांकन की समीक्षा के बाद तीन का नामांकन रद्द हुआ है. इसमें बेलागंज विधानसभा क्षेत्र से 17 प्रत्याशियों ने नामांकन किया था, इनमें तीन का आवेदन रद्द किया गया, जिनमें पीपुल्स पार्टी ऑफ इंडिया के जितेंद्र यादव, निर्दलीय सुरेंद्र यादव व शंभू कुमार हैं. इसी प्रकार इमामगंज विधानसभा क्षेत्र में 10 प्रत्याशियों में से एक सीमा कुमारी, राष्ट्रीय जनतंत्र मोर्चा का आवेदन रद्द हुआ है.

2025 की तैयारी शुरू

बता दें कि आज सीएम नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए में शामिल दलों की एक बैठक हुई. इसमें सभी दलों के वरिष्ठ नेताओं ने भाग लिया. इस मीटिंग में सभी दलों ने एक स्वर में कहा कि बिहार में अगले वर्ष होने वाला चुनाव फिर से नीतीश कुमार से नेतृत्व में ही लड़ा जायेगा. इस महत्वपूर्ण बैठक में अगले विधानसभा चुनाव में 225 सीट जीतने का भी लक्ष्य रखा गया.

बैठक में क्या बोले जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष

एनडीए की बैठक को संबोधित करते हुए संजय झा ने कहा कि सीएम नीतीश कुमार ने वर्ष 2020 में 10 लाख नौकरी और 10 लाख रोजगार देने की बात कही थी. अब तक सात लाख से अधिक लोगों को नौकरी दी गयी है, जबकि 24 लाख से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है. अभी लाखों की संख्या में नयी नियुक्तियां प्रक्रियाधीन हैं. महिलाओं के सशक्त बना कर उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ा है. उन्होंने देश में सबसे पहले बिहार में 2006 में ही महिलाओं को पंचायत चुनाव में 50% आरक्षण दे दिया. फिर 2007 में नगर निकाय के चुनावों में भी इसे लागू किया. सरकारी नौकरियों में भी महिलाओं को 35 प्रतिशत आरक्षण दिया.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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