Gaya News: गया में 125 करोड़ की लागत से बनेगा टेक्नोलॉजी सेंटर, मांझी बोले- HAM हर वादा पूरा करेंगें

Gaya News: बिहार के गया में राज्य का पहला टेक्नोलॉजी सेंटर बनने जा रहा है. 125 करोड़ रुपये की लागत से इसका निर्माण किया जाएगा.

Gaya News: जीतन राम मांझी के संसदीय क्षेत्र गया में बिहार का पहला टेक्नोलॉजी सेंटर बनेगा. इस बात की जानकरी उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा की. अपने पोस्ट में उन्होंने लिखा, ‘हमारे मंत्रालय ने गया में 125 करोड़ की लागत से टेक्नोलॉजी सेंटर खोलने की अनुमति दे दी है. जमीन चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है जल्द ही सेंटर का निर्माण कार्य भी शुरू हो जाएगा. HAM हर वादा पूरा करेंगें. पीएम नरेंद्र मोदी और सीएम नीतीश कुमार को आभार.’

मेट्रो सिटी के नाम से जाना जायेगा गया

केंद्रीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री जीतन राम मांझी शुक्रवार को गया जिले के गोदावरी मोहल्ला स्थित अपने आवास आये थे. यहां उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात की. जीतन राम मांझी ने कहा, ‘हमने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कहा था कि हमारी कड़ाही खाली है, जिसके बाद उन्होंने हमारी कड़ाही को भर दिया. जल्द ही गया में मेट्रो का काम शुरू होगा और गया मेट्रो सिटी के नाम से जाना जाएगा. इसके लिए हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देते हैं. फल्गु नदी में और ज्यादा पानी आए और आसपास की भूमि सिंचित हो, इसके लिए सोन नदी के पानी को लाया जाएगा. फल्गु नदी में सालों भर पानी रहेगा और इसका लाभ यहां के लोगों को मिलेगा. जिस तरह से नरेंद्र मोदी की कृपा हम पर बरस रही है, ये भी काम होने ही वाला है.”

हर वादा करेंगे पूरा- मांझी

जीतन राम मांझी ने आगे कहा कि दो जगहों में इलेक्ट्रिक प्लांट लगाने से भी लोगों को काफी फायदा हुआ है. जल्द ही गांधी मैदान का 4 करोड़ की लागत से सौंदर्यीकरण किया जायेगा. इससे गांधी मैदान का पूरा स्वरुप बदल जाएगा. इसके अलावा गया से डाल्टेनगंज तक रेलवे लाइन की स्वीकृति भी मिलने वाली है. उन्होंने आगे बताया कि गया से इस्लामपुर तक के लिए भी रेलवे की कोशिश हम कर रहे हैं. चुनाव प्रचार के दौरान जो भी वादा हमने किया उसे पूरा करेंगे.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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