वजीरगंज. पूर्व नक्सली खानपुर टोला दमड़ी बिगहा निवासी रामविलास मांझी हत्याकांड का उद्भेदन 15 दिनों के लगातार प्रयास से पुलिस ने कर लिया है. उसकी हत्या धांधर टोला के बधार में कर दी गयी थी. वजीरगंज डीएसपी सुनील कुमार पांडेय ने रविवार को प्रेस वार्ता आयोजित कर बताया कि वैज्ञानिक अनुसंधान के क्रम में पता चला कि दो लोगों ने मिलकर खंती से वार कर उसकी हत्या कर दी थी, जिसका कारण आपसी विवाद व अवैध संबंध निकला. टेक्निकल टीम के माध्यम से ट्रेस कर संलिप्त अपराधी हरि बिगहा निवासी जितेंद्र चौहान को सीवान से गिरफ्तार किया गया. इसमें उसने हत्या की बात स्वीकार की है. उसके साथ एक अन्य सहयोगी की पहचान भी हुई है. जिसे जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जायेगा. विगत 7 फरवरी को रामविलास मांझी की हत्या का मामला उसकी पत्नी मंजू देवी के बयान पर दर्ज किया गया था. इसमें उसने जिन व्यक्तियों को नामजद किया था. उसकी संलिप्तता स्पष्ट नहीं हुई. इस दौरान पुलिस ने दूसरे एंगल से हत्या में शामिल आरोपित की पहचान करते हुए छापेमारी कर गिरफ्तार किया है. इसकी निशानदेही पर हत्या में उपयोग में लाये गये खंती को भी बरामद कर लिया गया है. मृतक रामविलास मांझी पूर्व में नक्सली व हत्या सहित अन्य मुकदमें में जेल भी जा चुका है. फिलहाल गिरफ्तार आरोपित के परिजन व मामले से संबंधित महिला फरार हैं, अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी भी जल्द हो जायेगी.
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