Gaya News: (गुरुआ से डॉ प्रमोद कुमार वर्मा की रिपोर्ट) जिले के गुरुआ थाना क्षेत्र के नवाबचक गांव में शनिवार को उस वक्त मातम पसर गया, जब गुजरात में ट्रेन हादसे में जान गंवाने वाले जितेंद्र कुमार का शव गांव पहुंचा. शव देखते ही पत्नी और परिजनों में चीख-पुकार मच गई. अंतिम संस्कार के दौरान दो वर्षीय मासूम शिवम ने दादा की गोद में बैठकर अपने पिता को मुखाग्नि दी, जिसे देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं.
ट्रेन की चपेट में आने से हुई थी मौत
मृतक की पहचान सिमारू पंचायत के नवाबचक गांव निवासी अखिलेश प्रसाद के 30 वर्षीय पुत्र जितेंद्र कुमार के रूप में हुई है. जानकारी के अनुसार जितेंद्र गुजरात में रहकर एक कंपनी में काम करता था. मंगलवार की सुबह वह गैस सिलिंडर भरवाने के लिए रेलवे लाइन पार कर रहा था, तभी तेज रफ्तार ट्रेन की चपेट में आने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी.
परिवार का सहारा था जितेंद्र
बताया जाता है कि जितेंद्र करीब दस वर्षों से गुजरात में मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण कर रहा था. वह दो भाइयों में छोटा था और परिवार की जिम्मेदारियों को पूरी गंभीरता से निभाता था. उसकी कमाई से ही घर का खर्च चलता था.
