गया.
शहर के समग्र क्षेत्र के विकास के लिए 2025-26 के लिए सवा छह अरब के बजट को सोमवार को बोर्ड की बैठक में मंजूरी दे दी गयी है. इससे पहले इस बजट को स्टैंडिंग कमेटी की बैठक में पहले ही बजट को पारित किया जा चुका है. निगम की ओर से शहर को विकसित बनाने के लिए इस बजट में प्रस्तावित आय 6,25,84,89,700 रुपये दिखा गया, तो खर्च 6,25,81,91,816 रुपये बताये गये हैं. इस बार 2,97,884 रुपये फायदे का पेश किया गया है. बैठक मेयर डॉ वीरेंद्र कुमार उर्फ गणेश पासवान की अध्यक्षता में हुई. बैठक का संचालन मेयर की अनुमति से स्टैंडिंग कमेटी के सदस्य सह पूर्व डिप्टी मेयर डॉ अखौरी ओंकारनाथ उर्फ मोहन श्रीवास्तव ने किया. उन्होंने कहा कि बजट में हर क्षेत्र के विकास का पूरा ख्याल रखा गया है. इंडोर स्टेडियम के जीर्णोंद्धार, चिल्ड्रेन पार्क का निर्माण, राजेंद्र टाबर का जीर्णोद्धार, 300 नली-गली का पक्कीकरण किया जायेगा. शहर को साफ-सुथरा रखने के लिए अत्याधुनिक उपकरण खरीद का भी बजट में प्रस्ताव रखा गया है. उन्होंने कहा कि मुख्य तौर पर बजट में लाइट, सफाई व अन्य महत्वपूर्ण कामों पर विशेष रूप से ध्यान दिया गया है. निगम की ओर से रोजगार उपलब्ध कराने में हर वक्त तत्परता दिखायी जाती है. नाला उड़ाही, कचरा उठाव, झाड़ू लगाने, टैक्स वसूली, जुर्माना वसूली में हजारों लोगों को रोजगार दिया जा रहा है. इसके अलावा दीनदयाल उपाध्याय शहरी आजीविका मिशन के तहत युवा व युवतियों को कम्प्यूटर, पार्लर, सिलाई का प्रशिक्षण दिलाकर स्वरोजगार के लिए बैंक से लोन भी दिलाया जा रहा है. हजारों लोग इसका लाभ ले चुके हैं. आगे भी यह कार्यक्रम वृहत पैमाने पर चलाया जायेगा. बैठक में मेयर डॉ वीरेंद्र कुमार उर्फ गणेश पासवान, नगर आयुक्त कुमार अनुराग, स्टैंडिंग कमेटी के सदस्य डॉ अखौरी ओंकारनाथ उर्फ मोहन श्रीवास्तव, मनोज कुमार, विनोद यादव, तब्बसूम परवीन, स्वर्णलता वर्मा, चुन्नू खां आदि मौजूद थे.इन्होंने रखी अपनी बात
वार्ड 39 के पार्षद संजय सिन्हा ने कहा कि शहर को प्रदूषण रहित करने का दवा किया जा रहा है. शहर के अंदर के धूल से परेशान रहते ऊपर से नदी में नाला का पानी बहने के चलते उस ओर से आये प्रदूषण सभी को बीमार कर रहा है. इस पर मेयर ने कहा कि एकजुट रहकर ही उस योजना को पूरा करने का दबाव बनाया जा सकता है. एकता प्रस्तुत कर ही निगम के अस्तित्व को बचाये रखा जा सकता है. वार्ड 32 के पार्षद गजेंद्र सिंह ने कहा कि गांधी मैदान में किसी तरह के निर्माण पर रोक लगा दिया गया है. इसके बाद भी वहां निर्माण कराया जा रहा है. इस तरह काम होने से गांधी मैदान ही नहीं बचेगा. शहर में अतिक्रमण के चलते जाम की समस्या हर वक्त बनी रहती है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
