बोधगया.
गुरुदेव श्रीश्री रविशंकर अपनी बिहार यात्रा के दौरान बोधगया के शेखवारा स्थित श्री श्री रविशंकर आश्रम पहुंचे, जहां हजारों भक्तों ने मूल सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के दुर्लभतम अवशेषों के प्रथम दर्शन किये. आर्ट ऑफ लिविंग के बोधगया आश्रम में गुरुदेव ने कहा कि देखिए आज सोमवार है और इस शुभ दिन पर सोमनाथ जी आपके सामने प्रकट हुए हैं. उन्होंने शिव के पांच गुणों के बारे में बताया कि सृजन करना, पालन करना, रूपांतरित करना, आशीर्वाद देना और छिपना. इस साल कुंभ में लाखों लोगों ने पवित्र डुबकी लगायी और देश में भक्ति की लहर दौड़ गयी और यहां बाबा (महादेव) भी प्रकट हुए हैं. उन्होंने गुरुदेव के उज्ज्वल बिहार के सपने को साझा करते हुए कहा कि एक उज्ज्वल बिहार तभी बन सकता है जब आस्था और भक्ति जागृत हो. मैं चाहता हूं कि कोई भी बेरोजगार न रहे. हम युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देंगे. बच्चों के लिए स्कूल खोलेंगे और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देंगे. यह बहुत ही अनोखी बात है, प्राकृतिक खेती से आप एक बार में पांच फसलें उगा सकते हैं. गुरुदेव ने प्रत्येक भक्त को एक विशेष संदेश दिया, जब ईश्वर आपके साथ हैं तो दुख कैसे रह सकता है? अपनी चिंताओं को यहीं छोड़ दें और अपने दिल में खुशी लेकर लौटें. चैंबर ऑफ कॉमर्स ने प्राचीन ज्ञान व उसके विज्ञान और शोध को दुनिया तक पहुंचाने के लिए गुरुदेव को सम्मानित किया. सम्मान प्रदान करते हुए ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ अनूप केडिया व ट्रस्ट के सचिव डॉ कौशलेंद्र प्रताप ने कहा कि आर्ट ऑफ लिविंग जैसी संस्थाओं द्वारा समाज और राष्ट्र के हित में किये जा रहे शोध कार्यों के लिए हर भारतीय हमेशा आभारी रहेगा. उन्होंने कहा कि यह कार्य निस्संदेह भारत को विश्व गुरु के रूप में पुनः स्थापित करने में मदद करेगा. बिहार में युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य में सुधार लाकर, उन्हें अपनी भावनाओं और मन को नियंत्रित करने के लिए उपकरण प्रदान करके, उनके जीवन में अधिक स्पष्टता, रचनात्मकता और खुशी लाकर उनके जीवन को बदलने का वादा करने वाले एक विकास के तहत बिहार के युवाओं के जीवन को सकारात्मक रूप से बदलने के उद्देश्य से मगध विश्वविद्यालय सहित पांच प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों के साथ एमओयू किया गया. इनमें एमयू के साथ बीआर आंबेडकर कॉलेज ऑफ एजुकेशन, डीपीएस स्कूल ऑफ नर्सिंग, डीपीएस कॉलेज ऑफ एजुकेशन और चैतन्य इंटरनेशनल बिजनेस कॉलेज ने गुरुदेव की उपस्थिति में आर्ट ऑफ लिविंग के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए, जिसके तहत छात्रों और संकायों को प्रमुख तनाव-प्रबंधन कार्यक्रम पेश किये जायेंगे. छात्रों को सामाजिक इंटर्नशिप परियोजनाओं के लिए बेंगलुरु में आर्ट ऑफ लिविंग इंटरनेशनल सेंटर का भी दौरा करने का मौका मिलेगा.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
