बोधगया. मगध विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित 10 दिवसीय श्रीलक्ष्मी नारायण महायज्ञ एवं श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ सोमवार को हुआ. वैदिक आचार्यों द्वारा मंत्रोच्चार के साथ अग्नि देवता का आह्वान किया गया. वेद आचार्य राजेश तिवारी एवं अन्य आचार्यों द्वारा हवन कुंड के लिए अग्नि प्रज्ज्वलित की गयी. अयोध्या से आये श्रीमद्भागवत कथा वाचक आचार्य सुदर्शन आचार्य ने कहा कि भागवत कथा लोगों के मन की दुष्ट भावनाओं से मुक्ति प्रदान करती है. इस कथा के सुनने से व्यक्ति को परिवार समाज और देश के प्रति सदविचार उत्पन्न होता है. गृहस्थ आश्रम में रहने वाले लोग अनेक भ्रांतियों के बीच जीवन जीते हैं. यह जीवन समस्याओं के चहारदीवारी से घिरा है. इससे निकलने का मार्ग संतों का प्रवचन, यज्ञ तथा सत्संग ही है. उन्होंने कहा कि मंगलवार से यज्ञ मंडप की श्रद्धालुओं द्वारा परिक्रमा भी शुरू हो जायेगा. उन्होंने कहा कि गया गजाधर क्षेत्र आदिकाल से यज्ञ भूमि रहा है, जहां भगवान विष्णु ने भी यज्ञ किया था. यज्ञ समिति के संयोजक दीपचंद गुप्ता ने बताया इस महायज्ञ में कंबल वाले बाबा आयेंगे और भगवत कृपा से लोगों का उपचार भी करेंगे. उन्होंने बताया कि नीम करोली वाले बाबा का भी आगमन होना है. मोक्ष और ज्ञान की भूमि पर आकर यहां के श्रद्धालुओं को आशीर्वाद देंगे.
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