Gaya News: रामपुर थाना क्षेत्र स्थित एपी कॉलोनी में 15 मई को सुधा डेयरी के कलेक्शन एजेंट को गोली मारकर 1.30 लाख रुपये लूटने वाले गिरोह का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. 11 दिनों तक चले तकनीकी और जमीनी अनुसंधान के बाद पुलिस की विशेष टीम ने इस खूनी डकैती में शामिल चार अपराधियों को हरियाणा के गुरुग्राम से गिरफ्तार कर लिया है.
पुलिस दबाव बढ़ते ही मुख्य शूटर ने किया सरेंडर
पुलिस की लगातार बढ़ती दबिश को देखते हुए इस घटना के मुख्य शूटर अमित यादव उर्फ राइफल यादव ने वैशाली जिले में आत्मसमर्पण कर दिया. सिटी डीएसपी सरोज कुमार शाह ने बताया कि गिरफ्तार अपराधियों की पहचान प्रिंस कुमार, शंकर कुमार, रोशन कुमार, जो सभी लालगंज वैशाली के रहने वाले हैं, तथा अमित कुमार निवासी भगवानपुर वैशाली के रूप में हुई है. पुलिस ने इनके पास से तीन मोबाइल फोन भी जब्त किये हैं.
डिलिवरी ब्वॉय ने आर्थिक तंगी में बनाई लूट की साजिश
पुलिस पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि इस डकैती की पूरी पटकथा गुरुग्राम में खाना डिलिवरी ब्वॉय का काम करने वाले प्रिंस कुमार ने तैयार की थी. आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण उसने अपने साथियों के साथ मिलकर बड़ी लूट की योजना बनाई. इसके बाद पूरा गैंग गया पहुंचा और चंदौती थाना क्षेत्र में ठिकाना बनाकर सुधा डेयरी के कलेक्शन एजेंट को निशाना बनाया.
1100 किलोमीटर दूर गुरुग्राम से दबोचे गये अपराधी
घटना की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी सुशील कुमार के निर्देश पर सिटी डीएसपी के नेतृत्व में एसआइटी का गठन किया गया था. सीसीटीवी फुटेज और सर्विलांस के आधार पर पुलिस को अपराधियों की लोकेशन हरियाणा के गुरुग्राम स्थित पालम विहार इलाके में मिली. विशेष टीम ने वहां छापेमारी की. पुलिस को देखते ही चारों भागने लगे, लेकिन जवानों ने खदेड़कर उन्हें पकड़ लिया.
कई संगीन मामलों में पहले से दर्ज हैं केस
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार अपराधियों का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है. सरगना प्रिंस कुमार और उसके साथियों पर हत्या के प्रयास, लूट और आर्म्स एक्ट जैसे कई गंभीर मामले पहले से दर्ज हैं. पुलिस अब गिरोह के बाकी सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है.
लूट की रकम और हथियार की तलाश में जुटी पुलिस
सिटी डीएसपी ने बताया कि लूटी गयी 1.30 लाख रुपये की रकम और घटना में इस्तेमाल किये गये हथियार की बरामदगी के लिए पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है. गिरोह के अन्य फरार अपराधियों की तलाश भी तेज कर दी गयी है.
कब हुई थी घटना
गौरतलब है कि 15 मई 2026 को सुधा डेयरी का कलेक्शन एजेंट पीएनबी बैंक के पीछे स्थित कार्यालय में राशि जमा कर रजिस्टर में हिसाब मिला रहा था. इसी दौरान पांच हथियारबंद अपराधी वहां पहुंचे. जब एजेंट ने विरोध किया, तो राइफल यादव ने उस पर गोली चला दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया. इसके बाद अपराधी वहां रखे 1.30 लाख रुपये नकद लूटकर फरार हो गये थे.
