Gaya Ji Naxal News : (प्रमोद कुमार) गया जिले के लुटुआ थाना क्षेत्र अंतर्गत असुराइन डैम बसरदाहा पहाड़ी क्षेत्र से सुरक्षा बलों ने शुक्रवार को सर्च अभियान के दौरान नक्सलियों द्वारा छिपाकर लगाए गए एक आईईडी (इंप्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) को बरामद किया है. बरामद किए गए इस आईईडी को सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए मौके पर ही सुरक्षित तरीके से नष्ट कर दिया गया. यह पूरी कामयाबी सीआरपीएफ डी/215 बटालियन और लुटुआ थानाध्यक्ष सिंटू कुमार की संयुक्त टीम द्वारा चलाए गए एक विशेष ऑपरेशन के दौरान मिली है.
खुफिया सूचना पर सीआरपीएफ और पुलिस ने शुरू किया ‘शैडो अभियान’
इस कार्रवाई को लेकर बताया गया है कि सीआरपीएफ डी/215 बटालियन को क्षेत्र में नक्सलियों की गतिविधि की खुफिया सूचना मिली थी. इस सूचना के आधार पर कमांडेंट विनोद कुमार मोहरिल के निर्देश पर इलाके में ‘शैडो अभियान’ शुरू किया गया था. अभियान के दौरान जवानों की संयुक्त टीम लुटुआ थाना क्षेत्र के कैम्प नागोबार से रवाना होकर महादेव स्थान होते हुए असुराइन डैम एरिया की ओर आगे बढ़ी. इसी दौरान सघन सर्चिंग के क्रम में जवानों के पास मौजूद डीएसएमडी उपकरण से अचानक बीप की आवाज सुनाई दी.
Gaya Ji News: जमीन के अंदर छिपाकर रखा गया था 5 किलो का आईईडी
उपकरण से आवाज आने पर संदेह होने के बाद जवानों ने उस चिह्नित स्थान की अत्यंत सावधानीपूर्वक जांच शुरू की. जवानों द्वारा वहां खुदाई किए जाने पर जमीन के अंदर छिपाकर रखा गया एक प्रेशर और कमांड मैकेनिज्म तकनीक वाला आईईडी बरामद हुआ, जिसका कुल वजन करीब चार से पांच किलोग्राम बताया गया है. जमीन के नीचे से विस्फोटक बरामद होते ही सीआरपीएफ के बम निरोधक दस्ते (बीडीडीएस) के विशेषज्ञ कर्मियों को बुलाया गया, जिन्होंने मौके पर ही सुरक्षा मानकों के तहत उसे पूरी तरह निष्क्रिय कर दिया.
टली बड़ी घटना, जंगल और पहाड़ी इलाकों में सर्च ऑपरेशन जारी
सीआरपीएफ कमांडेंट विनोद कुमार मोहरिल ने बताया कि प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि अज्ञात नक्सलियों ने सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से इस आईईडी को जमीन के अंदर छिपाकर प्लांट किया था. समय रहते विस्फोटक बरामद होने से एक बड़ी घटना को टाल दिया गया है. इस सफल अभियान के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक कड़ा कर दिया गया है.
नक्सली गतिविधियों पर नजर रखने के लिए पुलिस और अर्धसैनिक बलों द्वारा लगातार सर्च अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत संयुक्त टीम आसपास के जंगलों और पहाड़ी क्षेत्रों में भी सघन जांच कर रही है.
Also Read: बिहार में फिर बढ़ी गर्मी, कैमूर में 42.4°C पहुंचा पारा, छपरा-गया जी भी तपे
