Gaya Junction Washing Pit : गया जंक्शन स्थित वाशिंग पिट के चालू होने के बाद ट्रेनों की धुलाई और सफाई का काम पहले की अपेक्षा काफी आसान हो गया है. यहां प्रतिदिन करीब चार से पांच ट्रेनों की धुलाई और सफाई की जाती है. वाशिंग पिट की सुविधा मिलने से ट्रेनों को व्यवस्थित तरीके से साफ करने के साथ-साथ समय की भी बचत हो रही है.
पहले धुलाई-सफाई में रेलकर्मियों को होती थी परेशानी
रेलवे सूत्रों के अनुसार, पहले ट्रेनों की धुलाई और सफाई करने में रेलकर्मियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता था.
पर्याप्त सुविधाओं के अभाव में ट्रेन के अलग-अलग हिस्सों की सफाई करने में अधिक समय और मेहनत लगती थी. कई बार सफाई कार्य को पूरा करने के लिए अतिरिक्त संसाधनों की जरूरत पड़ती थी.
वाशिंग पिट से बाहरी और अंदरूनी सफाई हुई व्यवस्थित
वाशिंग पिट के निर्माण के बाद इन समस्याओं में काफी कमी आई है. वाशिंग पिट पर ट्रेनों की बाहरी और अंदरूनी सफाई के साथ-साथ कोचों की धुलाई भी व्यवस्थित तरीके से की जाती है. इससे ट्रेनों में स्वच्छता बनाए रखने में मदद मिल रही है.
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यात्रियों को साफ-सुथरे कोच देने के लिए हो रही निगरानी
यात्रियों को साफ-सुथरे कोच उपलब्ध कराने के उद्देश्य से रेलवे की ओर से नियमित रूप से सफाई व्यवस्था की निगरानी भी की जाती है.
गया जंक्शन से प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्री विभिन्न शहरों के लिए सफर करते हैं, ऐसे में ट्रेनों की साफ-सफाई यात्रियों की सुविधा से सीधे जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है.
कम समय में पूरा हो रहा सफाई का काम
वाशिंग पिट की सुविधा से ट्रेनों की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिली है. रेलकर्मियों का कहना है कि इस आधुनिक व्यवस्था के कारण अब कम समय में ट्रेनों की धुलाई और सफाई का काम पूरा किया जा रहा है.
