गया जंक्शन पर छह माह में लगभग एक क्विंटल गांजा जब्त, 15 तस्कर गिरफ्तार

गया जंक्शन पर रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पहले छह महीनों में लगभग एक क्विंटल गांजा बरामद किया है. इस अभियान में 15 तस्करों को गिरफ्तार किया गया है, जिससे गया जंक्शन तस्करों के लिए सुरक्षित रास्ता नहीं रह गया है.

गया जी : गया जंक्शन पर रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने वर्ष 2026 के पहले छह महीनों में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ लगातार अभियान चलाते हुए बड़ी सफलता हासिल की है. इस दौरान आरपीएफ ने लगभग एक क्विंटल गांजा बरामद किया है. कार्रवाई के दौरान 15 तस्करों को गिरफ्तार किया गया, जबकि विभिन्न मामलों में नौ प्राथमिकी दर्ज की गयी हैं. लगातार हो रही कार्रवाई से गया जंक्शन गांजा तस्करों के लिए सुरक्षित रास्ता नहीं रह गया है.आरपीएफ द्वारा जनवरी से जून के बीच चलाये गये विशेष अभियान के दौरान कुल नौ अलग-अलग मामलों का खुलासा हुआ. बरामद गांजा को जब्त कर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया. इसके बाद सभी आरोपियों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए संबंधित जीआरपी को सौंप दिया गया. बरामद मादक पदार्थों की कुल मात्रा लगभग एक क्विंटल के करीब पहुंच गयी है.

देश के कई राज्यों के तस्कर गिरफ्तारआरपीएफ की जांच में यह सामने आया कि गांजा तस्करी का नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हुआ है. गिरफ्तार किये गये 15 आरोपितों में नेपाल, दिल्ली, बिहार के गया और जहानाबाद, झारखंड, उत्तर प्रदेश तथा पश्चिम बंगाल के रहने वाले लोग शामिल हैं. इससे स्पष्ट होता है कि गया जंक्शन का इस्तेमाल अंतरराज्यीय तस्करी के ट्रांजिट प्वाइंट के रूप में किया जा रहा था.जांच एजेंसियां अब इन आरोपितों के नेटवर्क, सप्लाई चेन और उनसे जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाने में लगी हैं. ताकि, पूरे गिरोह तक पहुंचा जा सकें.

भुवनेश्वर-नई दिल्ली रेलखंड बना तस्करों की पहली पसंदआरपीएफ के आंकड़ों के अनुसार, सबसे अधिक गांजा भुवनेश्वर-नयी दिल्ली रेलखंड पर चलने वाली ट्रेनों से बरामद किया गया है. ओड़िशा और आसपास के क्षेत्रों से गांजा लेकर तस्कर लंबी दूरी की ट्रेनों के माध्यम से दिल्ली और उत्तर भारत के अन्य राज्यों तक पहुंचाने की कोशिश करते हैं.गया जंक्शन इस रेलखंड का महत्वपूर्ण स्टेशन होने के कारण तस्कर यहां से गुजरने वाली ट्रेनों का इस्तेमाल करते रहे हैं. हालांकि आरपीएफ की सक्रिय निगरानी और लगातार जांच अभियान के कारण कई बड़े प्रयास विफल हुए हैं.

संदिग्ध यात्रियों पर रहती है विशेष नजरआरपीएफ की टीम स्टेशन परिसर, प्लेटफॉर्म और लंबी दूरी की ट्रेनों में लगातार निगरानी रखती है. संदिग्ध यात्रियों की गतिविधियों पर नजर रखने के साथ-साथ उनके सामान की जांच की जाती है. डॉग स्क्वॉड, खुफिया सूचना और विशेष चेकिंग अभियान की मदद से कई मामलों का खुलासा हुआ है.यात्रियों की सुरक्षा के साथ-साथ रेलवे परिसर को नशा तस्करी से मुक्त रखने के उद्देश्य से आरपीएफ नियमित रूप से विशेष अभियान चला रही है.

आगे भी जारी रहेगा अभियानमादक पदार्थों की तस्करी पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए विशेष अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा. गया जंक्शन सहित अन्य रेलवे स्टेशनों पर निगरानी और सघन जांच को और मजबूत किया जा रहा है. यात्रियों से भी अपील की गयी है कि यदि किसी व्यक्ति या सामान पर संदेह हो तो इसकी सूचना तुरंत आरपीएफ हेल्पलाइन 139 या ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा कर्मियों को दें. ताकि, समय रहते कार्रवाई की जा सकें. छह महीनों में लगभग एक क्विंटल गांजा की बरामदगी और 15 तस्करों की गिरफ्तारी इसी मुहिम की बड़ी सफलता है


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Author: Rohit kumar singh

Published by: Sakshi Kumari

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