शेरघाटी से नवीन कुमार मिश्रा की रिपोर्ट
Gaya Ji News : शेरघाटी प्रखंड के योगापुर गांव में गरीबी और लाचारी की मार झेल रहे एक परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. लंबे समय से गंभीर बीमारी से जूझ रही फूलों देवी की इलाज के अभाव में मौत हो गई. महिला अपने पीछे तीन छोटे-छोटे मासूम बच्चों को छोड़ गई है. मां की असमय मौत के बाद बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं वृद्ध दादी की आंखों से भी आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं.
आर्थिक तंगी से छूटा साथ
ग्रामीणों के अनुसार, महिला पिछले करीब दो माह से बीमार चल रही थी. परिवार की आर्थिक तंगी के कारण उसका समुचित और बेहतर इलाज नहीं कराया जा सका. समय पर चिकित्सा सुविधा नहीं मिलने से उसकी हालत लगातार बिगड़ती गई और अंततः उसने दम तोड़ दिया. इस हृदयविदारक घटना के बाद से पूरे गांव में शोक का माहौल व्याप्त है.
मदद मांगकर जुटाई थी दवा
मृतका की बुजुर्ग सास यमुना कुंवर ने बताया कि परिवार की माली स्थिति पहले से ही बेहद खराब थी. उनके पति का छह वर्ष पहले ही निधन हो चुका है. बहू की बीमारी के दौरान उन्होंने आस-पास के लोगों से मदद मांगकर दवा और भोजन की व्यवस्था करने का हरसंभव प्रयास किया, लेकिन संसाधनों के अभाव में बहू की जान नहीं बचाई जा सकी.
छह महीने से जेल में पति
इस लाचार परिवार की मुश्किलें यहीं खत्म नहीं होतीं. मृतका का पति विक्रम मांझी पिछले छह माह से जेल में बंद है. ग्रामीणों ने बताया कि वह ट्रैक्टर पर मजदूरी का काम करता था. इसी दौरान हुए एक हादसे में एक मजदूर की संदिग्धावस्था में मौत के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था. अब परिवार में केवल वृद्ध दादी और तीन मासूम बच्चे ही बचे हैं.
भुखमरी की कगार पर परिवार
घर में अब कमाने वाला कोई भी सदस्य नहीं बचा है, जिससे यह पूरा परिवार भुखमरी की कगार पर पहुंच गया है. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से पीड़ित परिवार को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने की गुहार लगाई है. साथ ही राशन के साथ अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने की मांग की है.
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