मगध मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर और नर्स में तनातनी, अभद्रता के आरोप में काम ठप कर धरने पर बैठीं महिला नर्सिंग स्टाफ

Gaya Ji News: गया के मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल में ऑन-ड्यूटी डॉक्टर द्वारा महिला नर्सिंग स्टाफ के साथ कथित अभद्रता और अश्लील टिप्पणियों के विरोध में नर्सों ने काम ठप कर धरना शुरू कर दिया है. कार्यकारी अधीक्षक ने जांच कमेटी गठित कर डॉक्टर को ब्लड बैंक शिफ्ट किया है, लेकिन नर्सिंग संघ बर्खास्तगी की मांग पर अड़ा हुआ है.

Gaya Ji News (संजीव कुमार सिन्हा): गयाजी के मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल के नर्सिंग स्टाफ ने एक डॉक्टर के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. नर्सिंग स्टाफ का आरोप है कि ऑन-ड्यूटी डॉक्टर ने छह महिला नर्सिंग स्टाफ को न केवल सरेआम गंदी गालियां दीं, बल्कि मर्यादा की सारी हदें पार करते हुए बेहद अश्लील और अभद्र टिप्पणियां कीं. इस घटना के बाद अस्पताल में हड़कंप मच गया है. गुस्साए नर्सिंग स्टाफ ने काम ठप कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है और वे अस्पताल परिसर में ही धरने पर बैठ गई हैं.

सार्वजनिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप

पीड़ित नर्सिंग स्टाफ कुमारी गुड़िया भारती ने रोते हुए बताया कि वे लोग नाइट ड्यूटी में थीं. डॉ नंदकिशोर राउंड पर आए, जो अमूमन कभी राउंड पर नहीं आते हैं और वे डॉक्टर वाले एप्रन या ड्रेस कोड में भी नहीं थे. फिर भी सम्मान करते हुए छह नर्सें उनके साथ राउंड पर गईं. रात के 12 बजे जब राउंड खत्म हुआ, तो 7 घंटे से लगातार काम कर रही एक सिस्टर दूसरी सिस्टर को हैंडओवर देकर पानी पीने और वॉशरूम चली गई. आरोप है कि उसके जाते ही डॉक्टर आगबबूला हो गए और चिल्लाने लगे. जब नर्सों ने समझाने की कोशिश की, तो डॉक्टर ने पब्लिक प्लेस में मरीजों और तीमारदारों के सामने नर्सों को गालियां दीं और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया. पीड़ित नर्स ने कहा कि वे रात 8 बजे से ड्यूटी पर हैं और डॉक्टर की बर्खास्तगी तक वहीं डटी रहेंगी. चिकित्सा कर्मचारी संघ की अध्यक्ष श्वेता कुमारी ने भी आक्रोश जताते हुए कहा कि उक्त डॉक्टर आए दिन किसी न किसी महिला स्टाफ को टारगेट करते हैं.

नर्सिंग संघ ने कहा- आंदोलन जारी रहेगा

अस्पताल के कार्यकारी अधीक्षक पीके अग्रवाल ने कहा कि मामला पूरी तरह से खत्म हो गया है. रात में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ के बीच आपस में अभद्र व्यवहार का मामला था. सुबह कुछ देर कार्य बाधित हुआ था, लेकिन अब ओपीडी और इमरजेंसी नॉर्मल चल रही है. उन्होंने बताया कि डॉक्टर से स्पष्टीकरण मांगा गया है और जांच कमेटी बनाई गई है. वहीं, नर्सिंग संघ की अध्यक्ष श्वेता कुमारी ने अधीक्षक के दावों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि डॉक्टर को सिर्फ ब्लड बैंक में शिफ्ट कर दिया गया है और एक दिन का वेतन काटा गया है, जो महज एक औपचारिकता है. हमारा विरोध प्रदर्शन अभी खत्म नहीं हुआ है और हम ड्यूटी पर वापस नहीं गए हैं. जब तक डॉक्टर सस्पेंड या बर्खास्त नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा.

Also Read: मारपीट और गाली-गलौज मामले में तीन आरोपी गिरफ्तार, न्यायिक हिरासत में भेजे गए

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Vikas Jha

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >