Gaya Ji News (नीरज कुमार की रिपोर्ट): दिल्ली व मुजफ्फरपुर में बीते दिनों घटित हुईं भीषण अग्निकांड की दुखद घटनाओं के बाद राज्य सरकार सुरक्षा को लेकर पूरी तरह से गंभीर नजर आ रही है. अगलगी की घटना में किसी भी मासूम की जलने से मौत नहीं हो, इसके लिए बिहार सरकार व राज्य अग्निशमन विभाग हर संभव कोशिश कर रही है. उन्होंने बताया कि गया जिले में सभी तरह के सरकारी व गैर सरकारी संस्थानों में इन दिनों फायर सेफ्टी ऑडिट का एक विशेष अभियान युद्ध स्तर पर चलाया जा रहा है.
42 संस्थानों में मिलीं कमियां
इसके साथ ही आकस्मिक होने वाली अगलगी की घटनाओं में कमी लाने व उससे निपटने के लिए आम लोगों के बीच लगातार जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है. शहर सहित जिले में मंगलवार तक कुल 86 होटलों व 73 सरकारी और गैर सरकारी अस्पतालों में फायर सेफ्टी ऑडिट का काम पूरी तरह से संपन्न कर लिया गया है. यह महत्वपूर्ण जानकारी स्वराजपुरी रोड स्थित जिला अग्निशमन कार्यालय में मंगलवार को आयोजित एक प्रेस वार्ता में जिला अग्निशमन पदाधिकारी अमन कुमार सिंह ने दी.
एक सप्ताह का मिला नोटिस
उन्होंने बताया कि ऑडिट के दौरान इनमें से 36 होटलों व चार अस्पतालों सहित कुल 42 बड़े संस्थानों में फायर सेफ्टी से जुड़ी गंभीर कमियां पायी गयी हैं. उन्होंने बताया कि ऐसे सभी नियम विरुद्ध चल रहे होटल व अस्पतालों के संचालकों को एक सप्ताह के अंदर सुधार करने से संबंधित सख्त नोटिस विभाग द्वारा दिया गया है. श्री सिंह ने बताया कि यदि एक सप्ताह के अंदर फायर सेफ्टी मानकों में सुधार नहीं किया गया तो ऐसे संचालकों को सील करने की अनुमति मांगी जायेगी.
सभी होटलों का होगा ऑडिट
लापरवाह संचालकों को एक अंतिम मौका और देकर राज्य अग्निशमन विभाग से सीधे संस्थान को सील करने की कानूनी अनुमति मांगी जायेगी. जिला अग्निशमन पदाधिकारी ने आगे बताया कि जिले में कुल 285 होटल व 190 सरकारी और गैर सरकारी अस्पताल वर्तमान में संचालित हैं. विभाग द्वारा अगले एक सप्ताह में इन सभी बचे हुए संस्थानों में भी फायर सेफ्टी ऑडिट का काम शत-प्रतिशत पूरा कर लेने का एक बड़ा लक्ष्य निर्धारित कर रखा गया है.
मॉल और अपार्टमेंट की जांच
उन्होंने बताया कि इसके बाद चरणबद्ध तरीके से सभी मॉल, बहुमंजिला अपार्टमेंट, गैस एजेंसी, पेट्रोल पंप, शैक्षणिक संस्थान, सिनेमा घरों व अन्य छोटे-बड़े सभी व्यापारिक संस्थाओं में भी फायर सेफ्टी ऑडिट शुरू किया जायेगा. उन्होंने बताया कि जहां आम लोगों की अधिक आवाजाही होती है और जहां आग लगने की संभावना सबसे ज्यादा रहती है, वहां विभाग की टीम नियमित रूप से औचक जांच करती आ रही है. जांच में कमियां मिलने पर संचालकों को नियमों को पूरा करने के लिए निर्देशित किया गया है.
चलाया गया जन जागरूकता अभियान
जिला अग्निशमन पदाधिकारी ने बताया कि इस वर्ष एक जनवरी से 31 मई तक जिले के कुल 16,861 जगहों पर लोगों के बीच अग्नि सुरक्षा को लेकर मॉक ड्रिल व जन जागरूकता अभियान चलाया गया. इसके साथ ही सुरक्षा से संबंधित दो लाख 46 हजार 552 पंपलेट का भी वितरण किया गया. उन्होंने बताया कि इससे पूर्व वर्ष 2025 में जिले के कुल 24,331 अलग-अलग जगहों पर बड़े पैमाने पर जन जागरूकता कार्यक्रम विभाग द्वारा आयोजित किये गये थे.
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