EPFO नियमों में बदलाव पर सीटू की चेतावनी, मजदूरों के अधिकारों की रक्षा की उठी मांग

Gaya Ji News : गया में भारतीय ट्रेड यूनियन केंद्र (सीटू) ने ईपीएफओ से जुड़े नए नियमों पर चिंता जताते हुए कहा कि कर्मचारियों और मजदूरों के हितों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए. संगठन ने केंद्र सरकार से प्रस्तावित बदलावों पर पुनर्विचार और कर्मचारी प्रतिनिधियों से संवाद की मांग की.

Gaya Ji News : भारतीय ट्रेड यूनियन केंद्र (सीटू) ने कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफओ) से जुड़े प्रस्तावित नए नियमों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि किसी भी बदलाव से पहले कर्मचारियों और श्रमिक संगठनों के हितों का पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए. सीटू का कहना है कि कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) देश के करोड़ों मजदूरों और कर्मचारियों के लिए बुढ़ापे की आर्थिक सुरक्षा का सबसे महत्वपूर्ण आधार है.

EPFO के प्रस्तावित बदलावों पर पुनर्विचार की मांग

ऐसे में यदि ईपीएफओ के नियमों में ऐसे परिवर्तन किए जाते हैं, जिनसे कर्मचारियों के अधिकार या सामाजिक सुरक्षा प्रभावित होती है, तो इसका प्रतिकूल असर लाखों परिवारों पर पड़ सकता है. संगठन ने केंद्र सरकार से अपील की है कि ईपीएफओ से संबंधित प्रस्तावित बदलावों पर पुनर्विचार किया जाए. साथ ही किसी भी निर्णय से पहले केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और कर्मचारी प्रतिनिधियों के साथ सार्थक एवं व्यापक संवाद स्थापित किया जाए, ताकि कर्मचारियों के हित सुरक्षित रह सकें.

सीटू ने कहा- श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए सभी पक्षों की भागीदारी जरूरी

सीटू ने यह भी कहा कि श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और सभी पक्षों की भागीदारी आवश्यक है. संगठन का मानना है कि कर्मचारियों के भविष्य और आर्थिक सुरक्षा से जुड़े फैसले बिना पर्याप्त विचार-विमर्श के नहीं लिए जाने चाहिए. संगठन ने उम्मीद जताई कि सरकार कर्मचारी संगठनों की चिंताओं को गंभीरता से लेते हुए ऐसा समाधान निकालेगी, जिससे श्रमिकों के हितों की रक्षा के साथ-साथ सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था भी मजबूत बनी रहे.

Also Read : अयोध्या श्रीराम मंदिर चंदा चोरी के खिलाफ गया जी में धरना, आयोजित की गई सभा

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Yuvraj Ratan

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >