Bodhgaya Corridor Project (हरिबंश कुमार की रिपोर्ट): बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ प्रेम कुमार ने मंगलवार को गया जिला अतिथि गृह सभागार में वर्चुअल माध्यम से बोधगया कॉरिडोर परियोजना की प्रगति की समीक्षा की. बैठक में संबंधित कंसलटेंट से परियोजना के विभिन्न घटकों, तीर्थयात्रियों की सुविधाओं के विस्तार तथा बोधगया को विश्वस्तरीय आध्यात्मिक व पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में चल रहे कार्यों पर विस्तृत चर्चा हुई.
बैठक के बाद डॉ प्रेम कुमार ने बताया कि बोधगया कॉरिडोर परियोजना की कुल अनुमानित लागत 1163 करोड़ रुपये है. इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत महाबोधि मंदिर व आसपास के क्षेत्रों में आधुनिक आधारभूत संरचना विकसित की जायेगी, जिससे देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सके. उन्होंने बताया कि महाबोधि मंदिर प्रबंधन समिति द्वारा अंतरराष्ट्रीय स्तर के अस्पताल, आधुनिक विजिटर सेंटर, तीर्थयात्रियों के लिए पार्किंग व्यवस्था, सुरक्षित पैदल पथ, स्वच्छता व ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली, ध्यान पथ तथा विश्राम शेड के निर्माण जैसे महत्वपूर्ण प्रस्ताव दिये गये हैं, जिन पर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है.
बोधगया से चाकंद तक फ्लाइओवर निर्माण पर चर्चा
समीक्षा बैठक में बोधगया से विष्णुपद मंदिर होते हुए चाकंद तक फ्लाइओवर निर्माण की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई. डॉ प्रेम कुमार ने अधिकारियों को इस दिशा में विशेष पहल करने का निर्देश दिया, ताकि यातायात व्यवस्था सुगम हो और जाम की समस्या से राहत मिल सके. उन्होंने फल्गु नदी के दोनों किनारों पर आकर्षक पार्क विकसित करने, हरित क्षेत्र बढ़ाने, पौधारोपण अभियान को गति देने तथा नदी तट के सौंदर्यीकरण पर बल दिया. समीक्षा बैठक के दौरान महाबोधि मंदिर के निकास द्वार के पुनर्विकास, बड़े कांग्रेगेशन एरिया, मेडिटेशन पाथवे तथा स्थानीय हस्तशिल्प व हथकरघा को बढ़ावा देने के प्रस्तावों पर भी विचार-विमर्श किया गया.
प्रमुख बौद्ध स्थलों पर होगा सुविधाओं का विस्तार
बैठक में डुंगेश्वरी, मुचलिंद सरोवर, बराबर, गुरपा, सुजाता गढ़, बकरौर सहित प्रमुख बौद्ध स्थलों तथा मातंगवापी, धर्मारण्य और मां सरस्वती जैसी पौराणिक वेदियों पर आधारभूत सुविधाओं के विस्तार पर भी चर्चा हुई. डॉ प्रेम कुमार ने कहा कि विश्व धरोहर स्थल बोधगया की सांस्कृतिक पहचान और गरिमा के तहत विकास कार्य किए जायेंगे. उन्होंने सभी विभागों को समन्वय के साथ योजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने का निर्देश दिया. इस महत्वपूर्ण बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, तकनीकी विशेषज्ञ और परियोजना से जुड़े पदाधिकारी वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे.
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