गया जी से नीरज की रिपोर्ट
Gaya Ji News: गया जी जिले के शेरघाटी अनुमंडल से एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है. जिसने स्वास्थ्य व्यवस्था और एंबुलेंस सेवा की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल 11 वर्षीय छात्र उज्ज्वल कुमार की अस्पताल पहुंचने से पहले मौत हो गई. परिजनों का आरोप है कि रास्ते में एंबुलेंस खराब हो जाने के कारण इलाज में देरी हुई और बच्चे की जान नहीं बचाई जा सकी.
इमामगंज के पाकरडीह गांव में हुआ दर्दनाक हादसा
घटना इमामगंज थाना क्षेत्र के पाकरडीह गांव की है. मृतक की पहचान पलामू जिले के नौडीहा थाना क्षेत्र के तरीडीह गांव निवासी दामोदर मेहता के 11 वर्षीय पुत्र उज्ज्वल कुमार के रूप में हुई है. उज्ज्वल अपनी मौसी के घर रहकर पढ़ाई कर रहा था.
क्रिकेट खेलकर लौट रहा था छात्र
परिजनों के अनुसार उज्ज्वल कुमार क्रिकेट खेलकर घर लौट रहा था. इसी दौरान रास्ते में मिट्टी लदे एक ट्रैक्टर ने उसकी मोटरसाइकिल को जोरदार टक्कर मार दी. हादसा इतना भीषण था कि छात्र गंभीर रूप से घायल हो गया.
ग्रामीणों ने तुरंत बुलवाई एंबुलेंस
दुर्घटना के बाद स्थानीय ग्रामीण मौके पर पहुंचे और घायल छात्र को बचाने की कोशिश शुरू की. आनन-फानन में एंबुलेंस बुलाकर उसे शेरघाटी अनुमंडलीय अस्पताल ले जाया जा रहा था.
बीच रास्ते में खराब हो गई एंबुलेंस
परिजनों का आरोप है कि बांके बाजार के पास पहुंचते ही एंबुलेंस अचानक खराब हो गई. इस कारण घायल छात्र को समय पर अस्पताल नहीं पहुंचाया जा सका. परिवार का कहना है कि यदि एंबुलेंस रास्ते में खराब नहीं होती तो शायद उज्ज्वल की जान बच सकती थी.
अस्पताल पहुंचने से पहले ही हो गई मौत
इलाज में हुई देरी के बीच उज्ज्वल कुमार ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया. बच्चे की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया. गांव में भी शोक का माहौल है.
एंबुलेंस सेवा पर उठे गंभीर सवाल
इस घटना के बाद एंबुलेंस सेवा की गुणवत्ता और रखरखाव को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं. परिजनों ने आरोप लगाया है कि खराब एंबुलेंस के कारण एक मासूम की जान चली गई, जिसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए.
कार्रवाई की मांग, जांच में जुटी पुलिस
घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच तथा जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. वहीं पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है और हादसे के सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है.
स्वास्थ्य व्यवस्था पर फिर खड़े हुए सवाल
यह घटना एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर सवाल खड़े करती है. स्थानीय लोगों का कहना है कि समय पर और बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होती तो शायद एक मासूम की जान बचाई जा सकती थी.
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