आंख के डॉक्टर की पोस्टिंग फिर भी इलाज के लिए भटक रहे मरीज, शेरघाटी अस्पताल की व्यवस्था पर उठे सवाल

Gaya Ji Hospital News: शेरघाटी अनुमंडलीय अस्पताल में नेत्र विशेषज्ञ की तैनाती के बावजूद मरीजों को समुचित इलाज नहीं मिल रहा. चश्मा वितरण भी लंबे समय से प्रभावित है.

गया जी से नवीन कुमार मिश्रा की रिपोर्ट
Gaya Ji Hospital News:
गया जिले के शेरघाटी अनुमंडलीय अस्पताल की आई क्लीनिक में नेत्र रोग विशेषज्ञ और टेक्नीशियन की तैनाती होने के बावजूद मरीजों को समुचित इलाज नहीं मिल पा रहा है. मरीजों का आरोप है कि क्लीनिक में केवल आंखों की जांच और चश्मे का नंबर निर्धारित करने का काम हो रहा है, जबकि जरूरतमंद लोगों को लंबे समय से चश्मा तक उपलब्ध नहीं कराया गया है.

डॉक्टर तैनात लेकिन नहीं मिल रहा इलाज

दरअसल, शेरघाटी अनुमंडलीय अस्पताल की आई क्लीनिक में नेत्र रोग विशेषज्ञ और टेक्नीशियन की तैनाती होने के बावजूद मरीजों को समुचित इलाज नहीं मिल पा रहा है. मरीजों का आरोप है कि क्लीनिक में केवल आंखों की जांच और चश्मे का नंबर निर्धारित करने का काम हो रहा है, जबकि जरूरतमंद लोगों को लंबे समय से चश्मा तक उपलब्ध नहीं कराया गया है.

क्या है मरीजों की शिकायत?

अनुमंडलीय अस्पताल शेरघाटी की आई क्लीनिक में आने वाले मरीजों का कहना है कि उन्हें नेत्र रोग विशेषज्ञ से मिलने में कठिनाई हो रही है. कई मरीजों ने आरोप लगाया कि उनकी आंखों की जांच तो की गई, लेकिन आगे का उपचार नहीं मिल सका. मरीजों का कहना है कि आंखों की जांच के बाद केवल उनका नाम और पता दर्ज किया जाता है, जबकि चश्मा उपलब्ध कराने की प्रक्रिया लंबे समय से ठप है.

मरीजों ने क्या कहा?

कुबड़ी गांव निवासी महेंद्र महतो और ढाब चिरैंया निवासी उपेंद्र यादव ने बताया कि आंखों की समस्या को लेकर वे कई बार अस्पताल पहुंचे, लेकिन नेत्र रोग विशेषज्ञ से मुलाकात नहीं हो सकी. इसी तरह अन्य मरीजों ने भी शिकायत की कि जांच के बावजूद उन्हें अब तक चश्मा नहीं मिला है, जिससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

आई क्लीनिक में आखिर हो क्या रहा है?

मरीजों के अनुसार फिलहाल आई क्लीनिक में टेक्नीशियन द्वारा आंखों की जांच और चश्मे का नंबर निर्धारित करने का काम किया जा रहा है. लेकिन नेत्र रोग विशेषज्ञ की नियमित उपलब्धता नहीं रहने से मरीजों को अपेक्षित चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पा रही है. इस कारण गंभीर नेत्र समस्याओं वाले मरीजों को निजी क्लीनिकों का सहारा लेना पड़ रहा है.

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स्थानीय लोगों ने क्या आरोप लगाया?

स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल में तैनात नेत्र रोग विशेषज्ञ की ड्यूटी अक्सर सामान्य ओपीडी में लगा दी जाती है. इसके चलते आई क्लीनिक की नियमित सेवाएं प्रभावित हो रही हैं. लोगों का आरोप है कि विशेषज्ञ की मौजूदगी के बावजूद क्लीनिक का पूरा लाभ मरीजों तक नहीं पहुंच पा रहा है.

क्या है लोगों की मांग?

स्थानीय लोगों और मरीजों ने अस्पताल प्रशासन से आई क्लीनिक में नियमित रूप से नेत्र रोग विशेषज्ञ की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की है. साथ ही लंबे समय से लंबित चश्मा वितरण व्यवस्था को भी जल्द शुरू करने की अपील की गई है, ताकि गरीब और जरूरतमंद मरीजों को राहत मिल सके.

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By Sakshi Kumari

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