गया जी में फर्जी कस्टमर केयर सेंटर का खुलासा, 9 साइबर अपराधी गिरफ्तार; लैपटॉप-मोबाइल समेत सामान जब्त

गया शहर में पुलिस ने नौ शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है. ये लोग अमेजन, फ्लिपकार्ट जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर फर्जी कस्टमर केयर सेंटर चलाकर ठगी कर रहे थे. पुलिस ने इनके पास से लैपटॉप, मोबाइल और क्रेडिट-डेबिट कार्ड समेत अन्य सामान बरामद किया है.

Gaya Cyber Crime News : गया जी शहर में व्हाइट हाउस कंपाउंड के रोड नंबर छह में स्थित मोतीमणि अपार्टमेंट के फोर्थ फ्लोर पर फ्लैट नंबर चार सी से साइबर गिरोह से जुड़े नौ शातिरों को रामपुर थाने की पुलिस ने गिरफ्तार किया.

साथ ही इनके पास से छह लैपटॉप, 15 मोबाइल फोन, विभिन्न बैंकों का 22 क्रेडिट व डेबिट कार्ड, पांच घड़ी, 500 जीबी का एक हार्ड डिस्क, पांच माउस, लैपटॉप का चार चार्जर, पांच माउस, एक वाई-फाई मशीन, 9500 रुपये नकदी, एक नोटबुक और एक्सटेंशन पावर बरामद किया. उक्त जानकारी शुक्रवार को पुलिस ऑफिस में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस के दौरान एसएसपी सुशील कुमार ने दी.

एसएसपी ने बताया कि गिरफ्तार युवकों की पहचान कोलकाता के रहनेवाले नावेद आलम, अफजल हुसैन, ओसामा परवेज, सदाशिव भान, मोहम्मद इंजमाम आलम, मोहम्मद सलमान, अदनान अहमद, जमील हुसैन और मोहम्मद शाहिल के रूप में की गयी है.

सिटी एसपी के नेतृत्व में गठित टीम की कार्रवाई

एसएसपी ने बताया कि शहर में व्हाइट हाउस कंपाउंड में साइबर गिरोह से जुड़े अपराधियों के कई दिनों से जमावड़ा होने की सूचना मिली. लेकिन, इस सूचना को गंभीरता से लिया गया और साइबर गिरोह से जुड़े अपराधियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने को लेकर सिटी एसपी अभिनव के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया.

इस टीम में सिटी डीएसपी धर्मेंद्र भारती, रामपुर थानाध्यक्ष दिनेश बहादुर सिंह सहित टेक्निकल सेल से जुड़े पुलिस पदाधिकारियों को शामिल किया और काफी बारीकी से छानबीन शुरू की. साइबर अपराधियों का सही लोकेशन लेने को लेकर काफी सावधानी बरती गयी और उस अपार्टमेंट को चिह्नित किया गया, जहां साइबर अपराधियों का समूह एकत्रित था.

लेकिन, अब पुलिस के सामने एक और चुनौती थी कि उस अपार्टमेंट में कई फ्लैट थे और हर फ्लैट में आम लोग अपने परिवार के साथ रह रहे थे. पुलिस टीम को देखकर बेवजह किसी को परेशानी नहीं हो, इस बाबत काफी सावधानी बरतते हुए पुलिस ने उस फ्लैट को चिह्नित किया, जिसमें साइबर अपराधी रुके हुए थे.

काफी प्रयास के बाद पता चला कि व्हाइट हाउस कंपाउंड के रोड नंबर छह में स्थित मोतीमणि अपार्टमेंट के फोर्थ फ्लोर पर फ्लैट नंबर चार सी ही साइबर अपराधियों का ठिकाना है.

पूरी तरह से आश्वस्त हो जाने के बाद पुलिस की विशेष टीम ने मोतीमणि अपार्टमेंट के फोर्थ फ्लोर पर फ्लैट नंबर चार सी का दरवाजा खुलवाया, तो अंदर का नजारा देख पुलिस टीम अंचित रह गई.

पुलिस टीम ने देखा कि फ्लैट के अंदर फर्श पर बैठकर कई युवक लैपटॉप सहित अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर कामकाज कर रहे थे. चूंकि अपराधियों की संख्या काफी ज्यादा थी, इस कारण पुलिस की विशेष टीम ने बिना मौका गंवाए सभी नौ अपराधियों को अपने कब्जे में ले लिया और फिर एक-एक कर अपराधियों से पूछताछ की गई.

फर्जी कस्टमर केयर सेंटर का खुलासा और ठगी का तरीका

एसएसपी ने बताया कि पुलिस की गिरफ्त में आए सभी साइबर अपराधियों से बारी-बारी से पूछताछ की गई, तो उन्होंने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का प्रयोग करके अमेजन, फ्लिपकार्ट आदि ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म में फर्जी कस्टमर केयर सेंटर के रूप में कार्य कर रहे थे.

ये सभी युवक एनीडेस्क, अल्ट्राव्यूअर, पोर्ट शिप क्लाइंट एवं अन्य रिमोट एक्सेस एप्लीकेशन के माध्यम से पीड़ित के मोबाइल फोन व कंप्यूटर का रिमोट एक्सेस प्राप्त करते थे. इसके बाद एनीप्लस ऐप के माध्यम से फर्जी आईडी तैयार कर अपने अन्य साथियों के सहयोग से ग्राहकों को सहायता प्रदान करने का झांसा देते थे.

इसी दौरान वे धोखे से पीड़ितों के बैंक खाते से संबंधित जानकारी, अन्य जानकारी व अन्य गोपनीय व्यक्तिगत विवरण प्राप्त कर लेते थे और लिंक व ओटीपी के माध्यम से साइबर ठगी की वारदात को अंजाम देते थे.

मेट्रो प्रोजेक्ट के नाम पर फ्लैट किराए पर और आगे की कार्रवाई

इधर, रामपुर थानाध्यक्ष दिनेश बहादुर सिंह ने बताया कि मोतीमणि अपार्टमेंट के मालिक पटना में रहते हैं. उनसे बातचीत की गई, तो उन्होंने बताया कि सुभाष सहनी नामक का एक व्यक्ति उनके संपर्क किया था और उनसे अपने परिचय गया जी शहर में शुरू होने वाले मेट्रो प्रोजेक्ट के ऑब्जर्बर के नाम पर किराए पर लिया था.

Also Read : आरा : शाहपुर पुलिस की कार्रवाई, हत्या के प्रयास मामले में दो नामजद आरोपित गिरफ्तार

थानाध्यक्ष ने बताया कि मकान मालिक से सुभाष सहनी का मोबाइल फोन नंबर लिया गया और उससे संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उसका मोबाइल फोन स्विच ऑफ है. अब सुभाष सहनी के बारे में पूरी जानकारी जुटाई जा रही है.

रामपुर थानाध्यक्ष के बयान पर रामपुर थाने में साइबर गिरोह से जुड़े 11 अपराधियों के विरुद्ध नामजद प्राथमिकी रामपुर थाना कांड संख्या 472/26 दर्ज की गई है. इनमें से नौ साइबर अपराधियों को घटनास्थल से ही गिरफ्तार किया गया है. इसमें से दो नामजद आरोपी फरार चल रहे हैं. गिरफ्तार अपराधियों ने उन दोनों के नाम का खुलासा किया है. इसमें से एक नयी दिल्ली का रहनेवाला है और दूसरा गया जी जिले का रहनेवाला है.

Also Read :PHOTOS : गया जी रबर डैम: 312 करोड़ की लागत से बना फल्गु नदी पर बना आधुनिक डैम, पांच तस्वीरों में देखें इसकी खासियत

इन दोनों की गिरफ्तारी को लेकर छापेमारी की जा रही है. रामपुर थानाध्यक्ष ने बताया कि गिरफ्तार साइबर अपराधियों से अबतक की गई पूछताछ से यह अनुमान हो रहा है कि इस गिरोह ने अबतक करोड़ों रुपये की ठगी कर चुके हैं.

लेकिन, इसके आकलन को लेकर गंभीरता से छानबीन की जा रही है. जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि इस गिरोह ने अबतक किन-किन लोगों से कितने रुपये की साइबर ठगी की है.


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Roshan kumar

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >