गया में ASI ने सर्विस रिवॉल्वर से गोली मारकर की आत्महत्या, भाई ने लगाया गंभीर आरोप

Gaya ASI: गया जिले में सेवा दे रहे सहायक अवर निरीक्षक (ASI) नीरज कुमार ने गोली मारकर खुद की जान ले ली. पुलिस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है.

Gaya ASI: गया जिले के मुफस्सिल थाने में तैनात 40 वर्षीय सहायक अवर निरीक्षक (ASI) नीरज कुमार ने बुधवार की देर रात पुलिस लाइन परिसर में स्थित पार्क में सर्विस रिवॉल्वर से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली. हालांकि, घटना के वक्त पुलिस लाइन में मौजूद कर्मियों को इसकी भनक नहीं लगी, गुरुवार की सुबह पार्क में लोगों ने एएसआइ का शव देखा. बाद में वहां पुलिस लाइन के डीएसपी सहित अन्य पुलिस पदाधिकारी पहुंचे.

जांच में जुटी पुलिस

एसएसपी आनंद कुमार, सिटी एसपी रामानंद कुमार कौशल, सिटी डीएसपी धर्मेंद्र भारती, रामपुर थाने की पुलिस व एफएसएल की टीम भी वहां पहुंची और छानबीन की. नीरज कुमार मूलतः लखीसराय जिले के सूर्यगढ़ा थाना क्षेत्र के शृंगारपुर गांव के रहनेवाले थे. उन्होंने आत्महत्या किस कारण से की, इसका पता लगाने में पुलिस जुट गयी है.

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भाई ने लगाए गंभीर आरोप

पुलिस लाइन पहुंचे एएसआइ के चचेरे भाई महेंद्र सिंह ने बताया कि उसका सलेक्शन 2008 में बिहार पुलिस में हुआ. प्रमोशन पाकर वह सिपाही से सहायक अवर निरीक्षक बना. एएसआइ बनने के बाद उसे मुफस्सिल थाने में केस का इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर बनाया जाने लगा. इसी बात को लेकर वह लगातार तनाव में था.

सिटी डीएसपी धर्मेंद्र भारती ने बताया कि अपने ही सर्विस रिवॉल्वर से गोली मार कर एएसआइ नीरज कुमार ने आत्महत्या कर ली है. इस मामले में रामपुर थाने में केस दर्ज किया गया है. साथ ही शव का पोस्टमार्टम करा कर परिजनों को सौंप दिया गया है.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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