रहमत जहां ने ईमानदारी से सेवा का अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया : कुलपति

कुलपति प्रो शशि प्रताप शाही ने अपने विशेष संदेश में कहा कि डॉ रहमत जहां जैसी विद्वान, कर्मनिष्ठ व संवेदनशील शिक्षाविद किसी भी संस्थान की सबसे बड़ी पूंजी होती हैं

मगध विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर अंग्रेजी विभाग में मानविकी संकाय की डीन को दी गयी विदाई फोटो- गया बोधगया 212- प्रो रहमत जहां को मेमेंटो भेंट करते प्रो मुकेश कुमार वरीय संवाददाता, बोधगया मगध विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर अंग्रेजी विभाग ने मानविकी संकाय की अधिष्ठाता (डीन) डॉ रहमत जहां के सम्मान में विदाई समारोह का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में विभाग के शिक्षकों, शोधार्थियों व मगध विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के सदस्यों ने बड़ी संख्या में भाग लिया. समारोह की अध्यक्षता अंग्रेजी विभागाध्यक्ष प्रो निभा सिंह ने की, जबकि संचालन सहायक प्राध्यापक डॉ संजय कुमार ने किया. इस अवसर पर वक्ताओं ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में डॉ जहां की प्रेरणादायक यात्रा व विश्वविद्यालय के प्रति उनके अमूल्य योगदान को श्रद्धा के साथ याद किया. कुलपति प्रो शशि प्रताप शाही ने अपने विशेष संदेश में कहा कि डॉ रहमत जहां जैसी विद्वान, कर्मनिष्ठ व संवेदनशील शिक्षाविद किसी भी संस्थान की सबसे बड़ी पूंजी होती हैं. उन्होंने न केवल अपने विषय में उत्कृष्टता स्थापित की, बल्कि विश्वविद्यालय की अकादमिक संस्कृति को नयी दिशा व गरिमा प्रदान की. उन्होंने यह भी कहा कि उनका योगदान आने वाले वर्षों तक संस्थान की पहचान का आधार बना रहेगा. डॉ जहां का मगध विश्वविद्यालय से संबंध 36 वर्षों तक रहा, जिसमें उन्होंने अपने ज्ञान, दृष्टि और ईमानदारी से सेवा का अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया. उन्होंने आइक्यूएसी संयोजक, अंग्रेजी विभागाध्यक्ष, ओएसडी (पीएचडी) तथा अंततः मानविकी संकाय की अधिष्ठाता के रूप में उल्लेखनीय कार्य किया. उनके उत्कृष्ट योगदान के सम्मान में मगध विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के अध्यक्ष ने उन्हें प्रशस्ति पत्र भेंट किया, जो उनके अटूट समर्पण और अकादमिक समुदाय के प्रति अथक सेवाओं का प्रतीक था. इस अवसर पर विभागाध्यक्ष प्रो नीरज कुमार ने कहा कि डॉ प्रो जहां की अनुपस्थिति गहराई से महसूस की जायेगी. उन्होंने विभाग में अनुशासन, सौम्यता और सृजनशीलता की संस्कृति विकसित की है. विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ इफ्फत सहेन व डॉ सगुन सिंह ने उनके नेतृत्व, मार्गदर्शन और सादगी की सराहना करते हुए कहा कि उनके व्यक्तित्व में विद्वता व विनम्रता का अनुपम संगम था. कार्यक्रम के अंत में विभाग की ओर से डॉ रहमत जहां को भावभीनी विदाई दी गयी व उन्हें शांतिपूर्ण, संतोषप्रद तथा आनंदमय सेवानिवृत्त जीवन की शुभकामनाएं दी गयी.

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Published by: Kalendra pratap singh

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