बोधगया में इ-रिक्शा का भाड़ा तय नहीं, यात्रियों की बढ़ी परेशानी

E-Rickshaw Fare in Bodhgaya: गया में पितृपक्ष मेले के दौरान जिला प्रशासन ऑटो और इ-रिक्शा का भाड़ा तय कर देती है. इससे यहां आने वाले लोगों को सहूलियत होती है.

E-Rickshaw Fare in Bodhgaya: अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल बोधगया में इ-रिक्शा का भाड़ा निर्धारित नहीं होने के कारण यात्रियों की परेशानी बढ़ गयी है. यहां इ-रिक्शा चालकों ने न्यूनतम किराया 10 रुपये रखा है. इसके कारण एक से दो किलोमीटर की दूरी तय करने पर भी लोगों को 10 रुपये ही देना पड़ता है. महाबोधि मंदिर से दोमुहान की दूरी महज चार किलोमीटर है, पर इ-रिक्शा का किराया 15 रुपये है. इसी तरह बकरौर मोड़ से राजापुर मोड़ तक की दूरी मात्र एक किलोमीटर होगी, पर यहां भी यात्रियों को 10 रुपये का भुगतान करना पड़ता है.

हमेशा होती है तकरार

बोधगया घूमने आने वाले देशी-विदेशी लोगों को भाड़ा को लेकर अक्सर तकरार होती रहती है. घूमने आये यात्रियों से मनमाना भाड़ा भी लिया जाता है. कई बार यहां घूमने आये विभिन्न राज्यों के यात्रियों को इ-रिक्शा चालकों द्वारा ज्यादा किराया लिये जाने के बाद विवाद तक हो जाता है और वे स्थानीय प्रशासन को कोसते नजर आते हैं कि प्रशासनिक स्तर पर बोधगया में किराया तय किया जाना चाहिए था.

स्थानीय संगठन ने की मांग

पितृपक्ष मेले के दौरान जिला प्रशासन द्वारा ऑटो और इ-रिक्शा का किराया तय किया जाता है, लेकिन बोधगया के पर्यटन सीजन के मद्देनजर प्रशासनिक स्तर पर इस ओर ध्यान नहीं दिया जाता है. इसे लेकर स्थानीय संगठन के लोगों ने भी प्रशासन से पहल करने की मांग की है.

डीटीओ क्या बोले

गया के डीटीओ राजेश कुमार ने कहा कि पितृपक्ष मेले के दौरान किराया तय किया जाता है, पर बोधगया के लिए ऐसा कोई प्रावधान नहीं किया गया है. उन्होंने बताया कि बोधगया में संचालित इ-रिक्शा के लिए नगर पर्षद को किराया तय करना चाहिए था.

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लेखक के बारे में

Published by: Paritosh shahi

परितोष शाही डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. अभी प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम में काम कर रहे हैं. देश और राज्य की राजनीति, सिनेमा और खेल (क्रिकेट) में रुचि रखते हैं.
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