स्वच्छ ऊर्जा से सशक्त होंगी ग्रामीण महिलाएं, बोधगया में तीन दिवसीय प्रशिक्षण शुरू

बोधगया में महिला ऊर्जा उद्यमियों के लिए तीन दिवसीय तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हुआ है. इसका उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में कुशल बनाकर उद्यमी के रूप में विकसित करना है. बिहार और झारखंड में 20 महिला-नेतृत्व वाले ऊर्जा उद्यम स्थापित किए जाएंगे.

द एनर्जी एंड रिसोर्सेज इंस्टीट्यूट द्वारा बंधन बैंक के कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) सहयोग तथा जीविका और जे-वायर्स की साझेदारी में महिला ऊर्जा उद्यमियों के लिए तीन दिवसीय तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन बोधगया में किया जा रहा है.

कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में तकनीकी एवं व्यावसायिक कौशल प्रदान कर उन्हें सफल ऊर्जा उद्यमी के रूप में विकसित करना है. इस पहल के अंतर्गत बिहार और झारखंड में कुल 20 महिला-नेतृत्व वाले ऊर्जा उद्यम स्थापित किए जा रहे हैं, जिनमें बिहार में 15 तथा झारखंड में 5 उद्यम शामिल हैं.

बिहार में यह परियोजना औरंगाबाद, गया, नालंदा और पटना जिलों के लगभग 15 प्रखंडों में क्रियान्वित की जा रही है, जिससे करीब 1,500 स्वयं सहायता समूहों और 15 हजार एसएचजी सदस्यों तक पहुंच बनाने का लक्ष्य है. चयनित महिला उद्यमियों को सोलर मार्ट की स्थापना, तकनीकी प्रशिक्षण, व्यावसायिक मार्गदर्शन और उद्यम विकास के लिए सहयोग दिया जा रहा है.

कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में सीनियर डायरेक्टर डॉ. दीपांकर सहरिया, एसोसिएट डायरेक्टर डॉ. अमित कुमार ठाकुर, प्रशांत स्वाइन, जितेंद्र तिवारी एवं अरुण कुमार, जीविका से राज्य परियोजना प्रबंधक नीरज कुमार सिंह, बंधन बैंक से नवीन भूटानी, जे-वायर्स से नीतू देवी, संजू देवी, सविता देवी, गौरव पांडे एवं अमित कुमार सिंह के साथ महिला ऊर्जा उद्यमियों एवं तकनीशियनों की सहभागिता रही.

उद्घाटन के दौरान परियोजना के उद्देश्यों, दृष्टिकोण तथा महिला-नेतृत्व वाले स्वच्छ ऊर्जा उद्यमों को बढ़ावा देने में विभिन्न सहयोगी संस्थाओं की भूमिका पर चर्चा की गई. यह माना गया है कि स्वच्छ ऊर्जा केवल तकनीकी समाधान नहीं, बल्कि ग्रामीण आजीविका, आर्थिक सशक्तीकरण और सतत विकास को गति देने का प्रभावी माध्यम है.

विशेष रूप से जब महिलाएं स्वच्छ ऊर्जा समाधानों और सेवाओं का नेतृत्व करती हैं, तो इसका प्रभाव उनके परिवार के साथ-साथ पूरे समुदाय के सामाजिक एवं आर्थिक विकास पर पड़ता है.

तकनीकी और व्यावसायिक विषयों पर दिया जाएगा प्रशिक्षण

तीन दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को घरेलू विद्युत भार आकलन, सौर ऊर्जा प्रणाली की साइजिंग, सोलर कंपोनेंट्स, वोल्टेज एवं करंट मापन, बैटरी और इन्वर्टर निरीक्षण, सौर प्रणाली की स्थापना, गुणवत्ता परीक्षण, सुरक्षा, रखरखाव और नियमित मॉनिटरिंग जैसे विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा.

इसके साथ ही, "पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना" के तहत सौर व्यवसाय के अवसर, ऑन-ग्रिड एवं हाइब्रिड सोलर सिस्टम, इंस्टॉलेशन, आफ्टर-सेल्स सर्विस तथा गुणवत्ता सुनिश्चित करने जैसे विषय भी शामिल हैं.

प्रशिक्षण में तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ मार्केटिंग रणनीति, बिक्री एवं बाजार संपर्क, उद्यम विकास, वित्तीय लिंकेज और महिला ऊर्जा उद्यमियों के लिए सोलर मार्ट बिजनेस मॉडल पर भी विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे.

जे-वायर्स सोलर लैब का होगा एक्सपोजर विजिट

प्रतिभागियों को जे-वायर्स सोलर लैब, डोभी का एक्सपोजर विजिट भी कराया जाएगा, जहां विभिन्न सौर उत्पादों, विकेन्द्रीकृत नवीकरणीय ऊर्जा समाधानों, रूफटॉप सोलर तथा टेस्टिंग एवं सर्विसिंग सुविधाओं का व्यावहारिक प्रदर्शन किया जाएगा.

इस पहल से महिला उद्यमियों की तकनीकी और व्यावसायिक क्षमताओं को मजबूत करने, ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ ऊर्जा प्रणालियों की विश्वसनीय स्थापना एवं बिक्री-पश्चात सेवाओं की उपलब्धता बढ़ाने और महिलाओं के लिए स्थायी आजीविका के नए अवसर सृजित करने की अपेक्षा है.

साथ ही, यह पहल ग्रामीण समुदायों में विकेन्द्रीकृत नवीकरणीय ऊर्जा प्रौद्योगिकियों को अपनाने की प्रक्रिया को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी.

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By Kalendra pratap singh

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