Gaya Ji News : विष्णुपद मंदिर के बगल में पिछले एक वर्ष से विद्युत शवदाह गृह को तैयार किया जा चुका है. इसे चालू करने के लिए विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है. चालू होने से पहले असामाजिक तत्व इसे डैमेज करने में जुट गये हैं. इसके खिड़की के कांच को तोड़ दिया गया है. इसके बनाने में करोड़ों रुपये खर्च किये गये हैं. इसके बाद भी यहां खुले में ही शवदाह किया जा रहा है. इसके बगल में ही नगर निगम की ओर से प्रदूषण रहित शवदाह गृह बनाया गया है. इसे विधिवत सुचारु चालू नहीं किया जा सका है.
विभागीय सूत्रों का कहना है कि दो के चालू नहीं होने के बाद भी भुसुंडा मेला के पास नदी किनारे एक अन्य शवदाह गृह बनाया जा रहा है. स्थानीय लोगों ने बताया कि करोड़ों रुपये खर्च करके बनाए गये शवदाह गृह को चालू कराने के बजाय लगातार ही इसका निर्माण सिर्फ कराया जा रहा है. इससे लोगों को कोई फायदा नहीं मिल पा रहा है. खुले में ही अब तक शवदाह किया जा रहा है. इन शवदाह गृहों के प्रति लोगों को जागरूक या सभी के बीच विश्वास पैदा करने में असफलता ही हाथ लगी है.
कई बार प्रस्ताव पारित के आगे नहीं बढ़ा काम
विष्णुपद स्थित प्रदूषण रहित शवदाह गृह को चालू कराने के लिए कई बार नगर निगम बोर्ड से प्रस्ताव पारित किया गया. मेयर ने आदेश भी दिया. लेकिन, इससे आगे कभी काम नहीं बढ़ सका है. निगम में अधिकारी व कर्मचारी के बढ़ने के बाद जमीन पर पहले से भी कम काम दिखता है. प्रदूषण रहित शवदाह गृह के साथ आसपास के फुटपाथी दुकानदारों के लिए पक्का दुकान भी बनाया गया. लेकिन, इसका आवंटन भी अब तक नहीं हो सका है.
क्या कहते हैं मेयर
मेयर डॉ वीरेंद्र कुमार उर्फ गणेश पासवान ने कहा कि शवदाह गृह को चालू कराने के लिए कई बार प्रस्ताव को मंजूरी दी गयी. चालू कराने के लिए पहल व खुले में शवदाह को रोकने के लिए अधिकारी को कदम उठाना है. निगम के अधिकारी व जिला प्रशासन का सहयोग के बाद ही खुले में शवदाह को रोक कर प्रदूषण रहित यूनिट का सुचारु चलाया जा सकता है. कई बार अधिकारी ने सिर्फ आश्वासन ही दिया है.
