मरे बच्चे की लाश निकाल जिंदा करने के लिए घंटों चली झांड़-फूंक

थाना क्षेत्र के एक गांव में अंधविश्वास का मामला सामने आया है. जानकारी के अनुसार नौ महीने के मृत बच्चे को कब्र से 24 घंटे बाद निकाल कर जिंदा करने को लेकर हाइवोल्टेज ड्रामा चला.

गुरारू. थाना क्षेत्र के एक गांव में अंधविश्वास का मामला सामने आया है. जानकारी के अनुसार नौ महीने के मृत बच्चे को कब्र से 24 घंटे बाद निकाल कर जिंदा करने को लेकर हाइवोल्टेज ड्रामा चला. इस घटना को देखने के लिए आसपास के गांव के काफी लोगों की भीड़ जुट गयी. बताया जा रहा है गुरुवार को अचानक तबीयत बिगड़ने के कारण एक नौ माह के शिशु की मौत हो गयी. शिशु को अचानक दस्त और उल्टी होने लगी. इसके बाद माता-पिता ने गांव बरमा के ही स्थानीय डॉक्टर के पास भर्ती कराया गया. वहां शिशु का प्राथमिक उपचार किया गया, लेकिन जान नहीं बच पायी. मृत शिशु को गुरुवार की देर शाम को गांव के श्मशान घाट में दफन कर दिया गया. दफन करने के बाद डॉक्टर के बच्चे को मृत घोषित करने वाली बात पर यकीन नहीं हो रहा था. किसी के कहने पर उसके माता-पिता इस बात को मानने को तैयार नहीं थे. घटना के दूसरे दिन शुक्रवार को मृत बच्चे की मां को लगा बेटा जिंदा हो जायेगा. इसके बाद बच्चे के शव को कब्र से बाहर निकाला गया. मृत माता को लग रहा था मेरा बेटा जिंदा है, उसको ओझा-गुनी जिंदा कर देगा. इसके अपने मृत बच्चे को जिंदा करने के लिए माता-पिता ने झाड़-फूंक का सहारा लिया और ओझा की शरण में जा पहुंचे. जहां ओझा ने बच्चे को जिंदा करने के लिए झाड़-फूंक करना आरंभ कर दिया, लेकिन घंटों कोशिश करने के बाद भी उसको जिंदा करना संभव नहीं हो सका. शव की फजीहत देखने के बाद ग्रामीण उसे दफनाने के बात कहने लगे. लोगों ने कहा कि जो मर गया है, वह जिंदा नहीं हो सकता है. इसके बाद बच्चे के शव को मिट्टी डालकर दफन कर दिया गया.

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By Prabhat Khabar News Desk

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