ग्रामीण व मजदूर संगठनों ने गुरुवार को डोभी प्रखंड अंचल कार्यालय के समक्ष 14 सूत्री मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया और अंचल अधिकारी को व्यापक मांग पत्र सौंपा. प्रतिनिधिमंडल से मिले अंचलाधिकारी ने कई मांगों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया और शेष मामलों को सरकार के स्तर पर भेजने का भरोसा दिलाया.
आंदोलनकारी दलों की प्रमुख मांगें
आंदोलनकारी दलों ने सभी भूमिहीन परिवारों को पांच डिसमिल वास भूमि का पर्चा देने, दशकों से जो वहां बसे हैं, उन्हें वास भूमि का पर्चा व आवास की गारंटी देने, जन वितरण प्रणाली से नाम हटाने व नए राशन कार्ड बनाने तथा दाल-सरसों तेल समेत अन्य सामग्री उपलब्ध कराने की मांग की.
बुनियादी सुविधाओं और पेंशन से जुड़े मुद्दे
साथ ही, नल-जल योजना के तहत बंद पड़े जल मीनार की मरम्मत, सरकारी स्कूलों को नवोदय विद्यालय के तर्ज पर विकसित करने, वृद्धजनों, विकलांगों व विधवाओं को 3,000 रुपये मासिक पेंशन देने और साल भर काम के लिए 700 रुपये दैनिक मजदूरी सुनिश्चित करने की भी मांगें शामिल रहीं.
माले जिला सचिव का संबोधन और बयान
प्रदर्शन के दौरान माले जिला सचिव निरंजन कुमार ने कहा कि गरीबों के घरों पर बुलडोजर चलाकर बेघर करने पर संगठन चुप नहीं बैठेगा. उन्होंने छात्रों व युवाओं के आंदोलनों से प्रेरणा लेते हुए सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित कराने की अपील की और पार्टी का संगठन मजबूत करने का आह्वान किया.
उन्होंने कहा कि किसानों की जमीन के अधिग्रहण पर बाजार मूल्य के चार गुणा मुआवजा और विस्थापित भूमिहीन परिवारों के लिए वैकल्पिक आवास की व्यवस्था भी आवश्यक है.
प्रतिनिधिमंडल की उपस्थिति और आश्वासन
इस प्रतिनिधिमंडल में माले जिला सचिव निरंजन कुमार, प्रखंड सचिव रामलखन प्रसाद, ऐपवा जिलाध्यक्ष शिला वर्मा, सुरेश प्रसाद वर्मा व ईश्वरी यादव मौजूद थे.
अंचलाधिकारी ने जो मांगें उनके स्तर पर की जा सकती हैं, उन्हें पूरा करने व अन्य मामलों को उच्च अधिकारियों को भेजने का भरोसा दिलाया.
