मगध प्रमंडल के सबसे बड़े अस्पताल (मगध मेडिकल कॉलेज) में हर दिन सैकड़ों की संख्या में मरीज शहर, आसपास के जिलों और पड़ोसी राज्य झारखंड के सीमावर्ती इलाकों से इलाज कराने पहुंचते हैं. लेकिन अस्पताल पहुंचने वाले इस मुख्य मार्ग की हालत बदहाल बनी हुई है.
सिकरिया मोड़ से मगध मेडिकल अस्पताल जाने वाली सड़क के बीचों-बीच करीब पांच फीट चौड़ाई में रोड पूरी तरह उखड़ चुकी है और वहां एक बड़ा गड्ढा बन गया है.
एंबुलेंस और टोटो पलटने की कई बार हो चुकी हैं घटनाएं
सड़क की स्थिति इतनी खतरनाक हो चुकी है कि बस, ट्रक और अन्य बड़ी गाड़ियां हिचकोले खाते हुए यहां से गुजरती हैं. वहीं एंबुलेंस, ऑटो, टोटो, कार और बाइक चालकों को इस गड्ढे को पार करने में भारी मशक्कत और सावधानी बरतनी पड़ती है.
थोड़ी सी भी असावधानी होने पर गाड़ियां अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो जाती हैं. अब तक कई ऑटो व टोटो पलटने के कारण लोग घायल होकर अस्पताल पहुंच चुके हैं. इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा सड़क की मरम्मत कराने का कोई प्रयास शुरू नहीं किया गया है.
रोजाना लगता है जाम, समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पाते मरीज
स्थानीय वार्ड पार्षद रणधीर कुमार गौतम ने बताया कि इस मुख्य रास्ते पर गड्ढा होने के कारण आए दिन घंटों जाम की स्थिति बनी रहती है. इसके चलते गंभीर स्थिति में आ रहे मरीज समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पाते हैं, जिससे उनकी जान पर बन आती है.
ऑटो और टोटो के पलटने का खतरा सबसे ज्यादा बना रहता है. उन्होंने कहा कि इस समस्या को लेकर कई बार संबंधित विभाग के अधिकारियों को सूचित किया जा चुका है, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है. उल्लेखनीय है कि इसी मार्ग से होकर लोग मेडिकल, चेरकी होते हुए शेरघाटी की ओर भी आवाजाही करते हैं.
