गया में जबड़े में गोली लगने के बाद खुद स्कूटी चलाकर हॉस्पिटल पंहुचा शख्स, SSP ने गठित की SIT

Gaya: गया जिले के शेरघाटी में शनिवार सुबह रिटायर्ड स्वास्थ्य निदेशक डॉ. तपेश्वर प्रसाद पर नकाबपोश बदमाशों ने जानलेवा हमला कर दिया. तीन राउंड फायरिंग में एक गोली उनके जबड़े में लगी. घायल अवस्था में वे खुद स्कूटी चलाकर घर पहुंचे और फिर अस्पताल गये. पुलिस जांच में जुटी है.

Gaya: गया जिले के शेरघाटी के शेखपुरा मुहल्ले के समीप शनिवार सुबह उस वक्त अफरा-तफरी मच गयी, जब नकाबपोश हथियारबंद बदमाशों ने स्वास्थ्य विभाग के रिटायर्ड निदेशक डॉ तपेश्वर प्रसाद पर जानलेवा हमला कर दिया. घटना सुबह करीब 8:15 बजे की है, जब डॉ प्रसाद स्कूटी से अपने निजी बगीचे से घर लौट रहे थे. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अपाचे बाइक पर सवार तीन बदमाशों ने महबतापुर रोड पर डॉक्टर का पीछा करते हुए ताबड़तोड़ तीन राउंड फायरिंग की. इनमें से एक गोली डॉ तपेश्वर के बायें जबड़े में जा लगी.

खुद अस्पताल गये

खून से लथपथ डॉक्टर किसी तरह हिम्मत जुटाकर स्कूटी से ही रमना स्थित अपने घर तक पहुंचे और परिजनों को सूचना देकर स्वयं अस्पताल गये. स्वास्थ्य कर्मियों की टीम ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए गया जी रेफर कर दिया. चिकित्सकों को आशंका है कि गोली उनके जबड़े में फंसी हुई है और ऑपरेशन की आवश्यकता पड़ सकती है. प्रत्यक्षदर्शी भूषण चौधरी ने बताया कि गोलियों की आवाज सुनकर जब लोग घरों से बाहर निकले, तब देखा कि एक अपाचे बाइक पर तीन युवक सवार थे.

बदमाशों ने घाघर रोड की ओर भागने से पहले एक पिस्टल सड़क पर फेंक दिया. तभी कुछ स्थानीय युवकों ने उन पर रोड़ेबाजी शुरू कर दी, लेकिन बदमाशों ने हथियार लहराकर डराया और फरार हो गये. पुलिस ने घटनास्थल से फेंका गया पिस्तौल, एक कारतूस और एक खोखा बरामद किया है. एएसपी शैलेंद्र कुमार सिंह ने जानकारी दी कि अपराधियों की पहचान व गिरफ्तारी के लिए इलाके में छापेमारी की जा रही है.

जांच में जुटे फॉरेंसिक व डॉग स्क्वाड

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने डॉग स्क्वाड और फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया है. फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किये हैं, ताकि हमलावरों के खिलाफ मजबूत साक्ष्य जुटाये जा सकें. पुलिस का दावा है कि जल्द ही अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया जायेगा.

पिछली घटना से भी जुड़ रहा है तार

महबतापुर गांव जाने वाली सड़क पर शनिवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गयी, जब घाघर मोड़ (शेखपुरा) के पास स्वास्थ्य विभाग के सेवानिवृत्त निदेशक डॉ तपेश्वर प्रसाद को बदमाशों ने गोलियों का निशाना बना दिया. गोली लगने से डॉक्टर गंभीर रूप से घायल हो गये. सूचना मिलते ही गया के एसएसपी आनंद कुमार एवं सिटी एसपी रामानंद कुमार कौशल पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया.

बदमाशों की पहचान व गिरफ्तारी को लेकर इलाके के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है. साथ ही झारखंड के चतरा और पलामू जिलों की पुलिस से भी समन्वय स्थापित कर सीमावर्ती क्षेत्रों में नाकेबंदी शुरू कर दी गयी है. घटना की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी ने सिटी एसपी की निगरानी में एक विशेष टीम गठित की है. इस टीम में शेरघाटी डीएसपी सह एएसपी शैलेंद्र कुमार सिंह, थानाध्यक्ष अजीत कुमार और तकनीकी सेल के अधिकारी शामिल हैं.

पुलिस चार अलग-अलग टीमों में बंटकर लगातार छापेमारी अभियान चला रही है. एसएसपी आनंद कुमार ने भरोसा दिलाया है कि जल्द ही अपराधी पुलिस की गिरफ्त में होंगे. डॉ तपेश्वर प्रसाद इससे पहले भी अपराधियों के निशाने पर आ चुके हैं. छह जनवरी 2025 की रात लगभग 7:45 बजे बदमाशों ने उनके गोला बाजार रोड स्थित क्लिनिक पर बमबारी और फायरिंग की थी. उस घटना में भी तीन नकाबपोश हमलावर शामिल थे. माना जा रहा है कि यह हमला उसी कड़ी का हिस्सा हो सकता है. पुलिस इस दृष्टिकोण से भी जांच कर रही है.

पारिवारिक विवाद भी जांच के घेरे में

स्थानीय चर्चाओं और सूत्रों के अनुसार, डॉ तपेश्वर प्रसाद और उनके पुत्र डॉ शशि रंजन के बीच संपत्ति को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है. मामला कोर्ट में विचाराधीन भी है. पुलिस इस पहलू की भी बारीकी से जांच कर रही है कि कहीं यह हमला पारिवारिक विवाद का परिणाम तो नहीं है.

बेटी ने बतायी घटना की स्थिति, साथी ने उठाये सवाल

डॉ तपेश्वर की बेटी प्रीति गुप्ता ने बताया कि उनके पिता बगीचे से लौट रहे थे, तभी उन्हें घाघर मोड़ के पास गोली मारी गयी. उनकी हालत गंभीर है और फिलहाल गया जी अस्पताल में इलाज चल रहा है. डॉक्टर के सहयोगी राजेश कुमार ने बताया कि पूर्व में भी डॉक्टर को धमकियां मिली थीं और पुलिस सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं दिखी.

स्थानीय लोगों की मांग, शेखपुरा में स्थायी पुलिस पिकेट की जरूरत

घटनास्थल पर मौजूद स्थानीय लोगों, विशेषकर विनय प्रसाद ने एसएसपी से इलाके में स्थायी पुलिस पिकेट की मांग की. उन्होंने बताया कि बीते छह-सात महीनों में इस क्षेत्र में कई घटनाएं हो चुकी हैं और हर बार अपराधी झारखंड की सीमा की ओर भाग जाते हैं. इस पर एसएसपी ने भरोसा दिलाया कि इलाके में शांति व्यवस्था बहाल रखने के लिए हरसंभव कदम उठाये जायेंगे.

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घायल डॉक्टर खुद स्कूटी चला कर पहुंचे घर, फिर गये अस्पताल

चौंकाने वाली बात यह रही कि गोली लगने के बावजूद डॉ तपेश्वर प्रसाद अपनी स्कूटी चला कर रमना स्थित अपने घर पहुंचे और परिजनों को जानकारी देकर स्वयं अपनी गाड़ी से अस्पताल पहुंचे. जानकारी के अनुसार, गोली उनके बाएं जबड़े में लगी है और काफी रक्तस्राव हुआ है. प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें गया रेफर किया गया.

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प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा-हेलमेट और गमछे में थे हमलावर

मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार, तीनों हमलावर बाइक पर सवार थे. दो ने चेहरे पर गमछा बांध रखा था जबकि एक ने हेलमेट पहना हुआ था. घटना को अंजाम देने के बाद वे घाघर के रास्ते झारखंड की ओर भाग निकले. घटनास्थल से एक देसी पिस्तौल, एक जिंदा कारतूस और एक खोखा बरामद हुआ है.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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