CUSB Central School Building: दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएसबी) के ध्येय "कैंपस फॉर कम्युनिटी" के अंतर्गत विश्वविद्यालय परिसर के साथ-साथ आसपास के गांवों के विकास को भी शामिल किया गया है. गया जिले, विशेषकर टिकारी प्रखंड के अंतर्गत आने वाले गांवों और उनके निवासियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है. जल्द ही सीयूएसबी परिसर में सेंट्रल स्कूल में बालवाटिका से कक्षा पांच तक की पढ़ाई शुरू हो जाएगी.
इस संबंध में सीयूएसबी प्रशासन एवं केंद्रीय विद्यालय संगठन के अधिकारियों के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर हो गए हैं. नामांकन के लिए अधिसूचना शीघ्र ही जारी की जाएगी. यह अहम घोषणा सीयूएसबी के कुलपति प्रो. कामेश्वर नाथ सिंह ने विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में संबोधन के दौरान की.
आसपास के गांवों के बच्चों को भी मिलेगा लाभ
कुलपति ने कहा कि सीयूएसबी के कर्मियों के बच्चों के साथ-साथ आसपास के गांवों में रहने वाले बच्चे भी स्कूली शिक्षा हासिल कर पाएंगे. उन्होंने इसे विश्वविद्यालय के "कैंपस फॉर कम्युनिटी" ध्येय के अनुरूप महत्वपूर्ण पहल बताया.
प्रो. सिंह ने अपने स्वतंत्रता दिवस संबोधन की शुरुआत मिल्खा सिंह खेल परिसर में मौजूद सीयूएसबी परिवार के प्राध्यापक, अधिकारी, कर्मचारी एवं उनके परिवार के साथ बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं को देश की आजादी की 80वीं वर्षगांठ की बधाई और शुभकामनाओं के साथ की.
उन्होंने समारोह स्थल पर मौजूद युवाओं को विशेष रूप से संबोधित करते हुए कहा कि वे देश का भविष्य हैं और "विकसित भारत 2047" के लक्ष्य की प्राप्ति में उनका बड़ा योगदान रहेगा. कुलपति ने कहा कि आज के युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है और अगर वे सही दिशा में अपनी प्रतिभा का इस्तेमाल करें तो निश्चित तौर पर देश "विश्वगुरु" बनकर उभरेगा.
अकादमिक वर्ष 2026-27 में आठ नए पाठ्यक्रम शुरू
विश्वविद्यालय की हालिया उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कुलपति ने कहा कि मगध क्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुसार हर वर्ष नए-नए पाठ्यक्रम शुरू किए जा रहे हैं. अकादमिक वर्ष 2026-27 में भी आठ नए पाठ्यक्रम शुरू किए गए हैं.
इनमें एकीकृत यूजी-पीजी बायोटेक्नोलॉजी, बायोइंफॉर्मेटिक्स, एनवायर्नमेंटल साइंस, आईटीएपी बीए बीएड, आईटीएपी बीएससी बीएड, एमएससी एग्रीकल्चर-एग्रोनॉमी, एमएससी एग्रीकल्चर-हॉर्टिकल्चर तथा एमएससी एग्रीकल्चर-जेनेटिक्स एंड प्लांट ब्रीडिंग शामिल हैं. उन्होंने विश्वविद्यालय में गुणवत्तापूर्ण पठन-पाठन सुनिश्चित करने के लिए सीयूएसबी के प्राध्यापकों के कुशल मार्गदर्शन की भी सराहना की.
विद्यार्थियों ने वीर कुंवर सिंह के शौर्य का किया मंचन
स्वतंत्रता दिवस समारोह का शुभारंभ राष्ट्रगीत "वंदे मातरम्" के सामूहिक गायन के साथ हुआ, जिसके पश्चात भारत का राष्ट्र ध्वज तिरंगा फहराया गया. एनसीसी कैडेट्स ने शानदार परेड की. इसके बाद कुलपति ने समारोह स्थल पर मौजूद सीयूएसबी परिवार के सदस्यों को संबोधित किया.
इस अवसर पर कुलसचिव प्रो. नरेंद्र कुमार राणा, डीएसडब्ल्यू प्रो. पवन कुमार मिश्रा, प्रॉक्टर प्रो. प्रणव कुमार, परीक्षा नियंत्रक डॉ. शान्तिगोपाल पाइन, सांस्कृतिक समिति की समन्वयक डॉ. अमृता श्रीवास्तव के साथ विभिन्न विभागों के डीन, अध्यक्ष, पीआरओ मोहम्मद मुदस्सीर आलम एवं प्राध्यापक मौजूद थे.
कुलपति प्रो. केएन सिंह के संबोधन के बाद विद्यार्थियों ने मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए. इनमें अर्ध-शास्त्रीय फ्यूजन नृत्य, काव्य-पाठ, समूहगान, एकल नृत्य एवं लोक नृत्य शामिल थे. सांस्कृतिक कार्यक्रमों का समापन आकर्षक नाटक "वीर कुंवर सिंह गाथा" के साथ हुआ. इसमें बिहार के महान क्रांतिकारी सपूत वीर कुंवर सिंह के शौर्य एवं पराक्रम का विद्यार्थियों ने शानदार मंचन किया.
वेब डिजाइनिंग प्रतियोगिता के विजेताओं को किया पुरस्कृत
समारोह के दौरान विश्वविद्यालय स्तरीय वेबसाइट डिजाइनिंग प्रतियोगिता "वेब-वीवर्स चैलेंज" के विजेताओं को कुलपति द्वारा पुरस्कृत किया गया तथा उन्हें प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए. स्वतंत्रता दिवस समारोह का एक अन्य प्रमुख आकर्षण देशज खेलों की प्रदर्शनी एवं विद्यार्थियों द्वारा लगाए गए रचनात्मक स्टॉल रहे. इनकी कुलपति सहित विश्वविद्यालय परिवार ने सराहना की.
