कागजों पर दौड़ रही गाड़ियां

हकीकत में खामोश सिस्टम, स्वास्थ्य विभाग में गड़बड़ी का आरोप

हकीकत में खामोश सिस्टम, स्वास्थ्य विभाग में गड़बड़ी का आरोप प्रतिनिधि, शेरघाटी गया जिले के विभिन्न प्रखंडों में स्वास्थ्य विभाग के तहत संचालित वाहनों को लेकर गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है. वित्तीय वर्ष 2024-25 व 2025-26 के दौरान बीपीएमयू कार्यक्रम अंतर्गत इमामगंज, बांकेबाजार, आमस आमस, शेरघाटी, डोभी, गुरुआ व बाराचट्टी प्रखंडों में वाहन संचालन के नाम पर राशि निकासी किये जाने का आरोप सांसद प्रतिनिधि डॉ शिबगतुल्लाह उर्फ टुटू खां ने लगाया है. उन्होंने कई स्थानों पर वाहन सिर्फ कागजों में ही संचालित बताये जा रहे हैं. इस संबंध में जिला स्वास्थ्य समिति, गया को एक पत्र भेजकर ध्यान आकृष्ट कराया गया है. पत्र में उल्लेख किया गया है कि राज्य स्वास्थ्य समिति, बिहार के निर्देश के अनुसार प्रत्येक प्रखंड में हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों की नियमित मॉनीटरिंग के लिए प्रति माह 25 हजार रुपये की राशि वाहन संचालन के लिए दी जाती है. इसका उद्देश्य प्रखंड स्तर पर पदस्थापित एमओआइसी, बीआईएम और बीसीएम की ओर से क्षेत्र भ्रमण कर स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करना है, जबकि जमीनी हकीकत अलग है. कई प्रखंडों में वाहन का वास्तविक संचालन नहीं हो रहा है. लेकिन, कागजों पर दिखाकर राशि की निकासी की जा रही है, जो सरकारी धन के दुरुपयोग और गबन की श्रेणी में आता है. पत्र में मांग की गयी है कि मामले की शीघ्र जांच करायी जाये. संबंधित वाहनों की लॉगबुक की छायाप्रति और संचालन से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जाये. साथ ही प्रखंड सामुदायिक उत्प्रेरकों से सहमति पत्र लेकर सत्यापन सुनिश्चित किया जाये. उन्होंने 25 नवंबर 2025 को लिखे गये पत्र में यह भी कहा कि यदि समय रहते जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं हुई, तो यह गड़बड़ी आगे और बढ़ सकती है, जिससे सरकारी धन की क्षति होगी और स्वास्थ्य सेवाओं पर भी असर पड़ेगा.

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