गया. अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने बिहार बजट 2025-26 का स्वागत किया है. बताया कि इस बार बिहार का कुल बजट 3.17 लाख करोड़ रुपये का है, जो पहली बार 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक का है. इस बजट में शिक्षा के लिए 60,964 करोड़ रुपये और स्वास्थ्य के लिए 20,335 करोड़ रुपये का महत्वपूर्ण आवंटन किया गया है. सरकार इन प्रमुख क्षेत्रों के विकास पर विशेष ध्यान देकर समग्र राज्य विकास की दिशा में आगे बढ़ेगी. प्रांत सह मंत्री मंतोष सुमन ने कहा कि बिहार की शिक्षा प्रणाली को आधुनिक बनाने और सामाजिक समरसता बढ़ाने के लिए सरकार ने कई दूरदर्शी निर्णय लिये. ट्यूशन क्रेडिट कार्ड के लिए 1000 करोड़ रुपये, सरकारी छात्रावासों के लिए 1000 करोड़ रुपये और 358 प्रखंडों में डिग्री कॉलेजों की स्थापना के लिए 2000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है. एसएफडी प्रांत संयोजक सूरज सिंह ने कहा कि मेडिकल कॉलेजों की स्थापना, 108 शहरों में स्वास्थ्य केंद्रों का निर्माण, सरकारी अस्पतालों में बेड की संख्या बढ़ाना व अन्य प्रमुख योजनाएं से बिहार के ग्रामीण इलाकों में भी स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर होंगी. रितिक रोशन ने कहा कि बिहार बजट में रोजगार और महिलाओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया है. कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास, माइक्रो और स्मॉल इंडस्ट्रीज के लिए डेटा सेंटर, सभी प्रखंडों में आउटडोर स्टेडियम और खिलाड़ियों के लिए स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स की योजना बनायी गयी है.
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