BPSC Result 2024: एक हाथ और एक पैर से विकलांग चंदन ने बीपीएससी में लाया 9वां रैंक, जानिए इनकी कहानी

BPSC Result 2024: बीपीएससी की 69वीं परीक्षा में गया के चंदन कुमार ने 9वां रैंक हासिल कर इतिहास रच दिया है. चंदन विकलांग हैं और पिछले 12 साल से नौकरी कर रहे हैं. इसके बावजूद उन्होंने बीपीएससी की तैयारी जारी रखी.

BPSC Result 2024: गया के चंदन कुमार ने बीपीएससी परीक्षा 2024 में 9वां स्थान हासिल किया है. 36 वर्षीय चंदन दाहिने हाथ और दाहिने पांव से विकलांग हैं. वो पिछले 12 साल से पोस्टल डिपार्टमेंट में नौकरी कर रहे हैं. चौबीस साल की उम्र में उन्हें नौकरी मिल गई थी. उन्होंने अपना लक्ष्य बड़ा रखा और इसे पाने के लिए मेहनत करते रहे.

चंदन कुमार ने क्या बताया

गया के कोयरीबारी के रहने वाले चंदन कुमार ने बताया कि वो साल 2012 में गया के पोस्टल डिपार्टमेंट में पहली बार चयनित हुए थे. नौकरी करने के साथ-साथ उन्होंने बीपीएससी की तैयारी जारी रखी. चंदन कुमार ने यह भी बताया कि यह सफलता उन्हें तीसरी बार में मिली है. इससे पहले साल 2021 में बीएससी 67वीं परीक्षा में 13 नवंबर से उनका सेलेक्शन नहीं हो पाया था. उन्होंने हार नहीं मानी और दूसरी बार साल 2022 में 68वीं बीपीएससी परीक्षा में इंटरव्यू में दो नंबर से पीछे रह गए.

आखिरकार उन्हें सफलता इस साल मिली जब 69वीं बीपीएससी में उन्होंने 9वां रैंक हासिल कर अपने राज्य, जिला और परिवार का नाम रोशन किया.

जश्न का माहौल

चंदन कुमार की इस सफलता से उनके परिवार में जश्न का माहौल है. दूर-दूर से लोग उन्हें बधाई देने आ रहे हैं. एग्जाम के लिए उन्होंने तैयारी कैसे की, इस बारे में आसपास के बच्चे उनसे पूछने आ रहे हैं. बीपीएससी की 69वीं परीक्षा में पूरे बिहार से 470 अभ्यर्थियों को सफलता मिली. 9वीं रैंक पाने वाले चंदन अब रेवेन्यू ऑफिसर बन गए हैं.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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