बोधगया थाना क्षेत्र के बतसपुर गांव से शुक्रवार की शाम करीब सात बजे गायब हुए नौ वर्षीय अनिकेत का शव 36 घंटे बाद रविवार की सुबह धर्मारण्य के पास मुहाने नदी से बरामद किया गया. पुलिस के अनुसार, प्रथमदृष्टया अनिकेत के अपहरण के बाद हत्या कर शव को नदी में फेंके जाने की आशंका है. शव मिलने के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है.
धर्मारण्य के पास मुहाने नदी में मिला अनिकेत का शव
रविवार की सुबह स्थानीय लोगों ने धर्मारण्य के पास मुहाने नदी में शव देखा और इसकी सूचना पुलिस को दी. जानकारी मिलते ही बोधगया डीएसपी मधु कुमारी, थानाध्यक्ष मनोज कुमार सिंह सहित अन्य पुलिस पदाधिकारी मौके पर पहुंचे और शव को नदी से बाहर निकाला.
डॉग स्क्वॉयड के साथ पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने डॉग स्क्वॉयड को भी मौके पर बुलाया और जांच करायी. डीएसपी ने बताया कि अनिकेत का अपहरण कर हत्या किये जाने की आशंका है. पुलिस अब घटना के विभिन्न पहलुओं की पड़ताल कर रही है और अपराधियों की पहचान करने में जुटी है. शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है.
शुक्रवार शाम साइकिल चलाते हुए गायब हुआ था अनिकेत
जानकारी के अनुसार, बतसपुर गांव निवासी स्वर्गीय वीरेंद्र गिरि का नौ वर्षीय पुत्र अनिकेत शुक्रवार की शाम गांव की सड़क पर साइकिल चला रहा था. कुछ देर बाद वह घर लौटा और साइकिल खड़ी कर दी. इसके बाद वह गांव के किनारे स्थित पुल की ओर चला गया, लेकिन फिर वापस घर नहीं लौटा.
परिजनों ने काफी खोजबीन के बाद पुलिस को दी सूचना
अनिकेत के घर नहीं लौटने पर परिजनों ने आसपास काफी खोजबीन की. जब उसका कोई पता नहीं चला तो बोधगया थाने में शिकायत की गयी. पुलिस ने अनिकेत का फोटो और उसके लापता होने की सूचना सोशल मीडिया पर प्रसारित कर तलाश शुरू की, लेकिन शनिवार तक उसका कोई सुराग नहीं मिल सका.
13 घंटे बाद सड़क जाम कर जताया आक्रोश
अनिकेत के गायब होने के करीब 13 घंटे बाद शनिवार की सुबह करीब 10:30 बजे परिजनों और ग्रामीणों ने बोधगया-मोहनपुर रोड को सीलोंजा गांव के पास जाम कर दिया. लोगों ने सड़क पर टायर जलाये और बांस-बल्ले लगाकर आवाजाही रोक दी. सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाने का प्रयास किया.
पुलिस की कार्यशैली पर परिजनों ने उठाये सवाल
सड़क जाम कर रहे परिजनों और ग्रामीणों ने लापता अनिकेत की करीब 13 घंटे तक कोई जानकारी नहीं मिलने पर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाये. लोग नारेबाजी करते हुए कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे. पुलिस ने अनिकेत की तलाश जारी रहने का आश्वासन दिया. करीब तीन घंटे बाद ग्रामीणों ने सड़क जाम हटाया, जिसके बाद यातायात सामान्य हो सका.
परिवार का इकलौता बेटा था अनिकेत
बताया जा रहा है कि अनिकेत अपने पिता स्वर्गीय वीरेंद्र गिरि की दूसरी पत्नी का इकलौता बेटा था. पहली पत्नी से दो बेटे और दो बेटियां हैं, जबकि पहली पत्नी का निधन हो चुका है. दूसरी पत्नी से अनिकेत ही इकलौता संतान था. अनिकेत की मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है.
पैतृक संपत्ति को लेकर भी जुटायी जा रही जानकारी
बताया गया कि बतसपुर गांव में परिवार की करीब तीन से चार बीघा पैतृक जमीन है. पुलिस घटना की जांच के दौरान परिवार और संपत्ति से जुड़े विभिन्न पहलुओं की भी जानकारी जुटा रही है. हालांकि, हत्या के पीछे वास्तविक कारण क्या है, इसका खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा.
पुल की ओर जाते हुए आखिरी बार देखा गया था
ग्रामीणों के अनुसार, गांव की सड़क पर शाम के समय चहल-पहल रहती है और बच्चे अक्सर साइकिल चलाते हैं. अनिकेत भी शुक्रवार की शाम साइकिल चला रहा था. अंधेरा होने पर वह साइकिल घर में रखकर आया था. उसकी मां ने उसे हाथ-पैर धोकर पढ़ने के लिए बैठने को कहा था, लेकिन इसके बाद वह फिर घर से निकल गया. कुछ दूरी पर स्थित मुहाने नदी के पुल की ओर जाते हुए उसे आखिरी बार देखा गया था.
अपराधियों की पहचान में जुटी पुलिस
अनिकेत का शव मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच तेज कर दी है. पुलिस विभिन्न बिंदुओं पर छानबीन कर रही है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर मौत की परिस्थितियों और घटना में शामिल लोगों के बारे में आगे की जानकारी सामने आने की उम्मीद है.
