महान शहनाई वादक व भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह खान की पुण्यतिथि पर किलकारी बिहार बाल भवन गया में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया. इस कार्यक्रम में बच्चों को उनके जीवन, संघर्ष, संगीत साधना और भारतीय संगीत में उनके अमूल्य योगदान की विस्तृत जानकारी दी गयी.
देश-दुनिया में भारत का नाम रोशन करने वाले कलाकार
प्रमंडलीय कार्यक्रम समन्वयक राजीव रंजन श्रीवास्तव ने कहा कि उस्ताद बिस्मिल्लाह खान ने अपनी शहनाई की मधुर धुन से देश-दुनिया में भारत का नाम रोशन किया. उन्होंने बच्चों को उनके जीवन से प्रेरणा लेकर अपनी कला के प्रति कड़ी मेहनत और समर्पण की भावना विकसित करने की सलाह दी.
शहनाई को भारतीय संगीत में दिलाई विशिष्ट पहचान
संगीत प्रशिक्षक संदीप कुमार सिन्हा ने कहा कि बिस्मिल्लाह खान ने शहनाई को भारतीय संगीत की विशिष्ट पहचान दिलाई. उनकी कला, अनुशासन और साधना आज भी देश के सभी कलाकारों के लिए एक बड़ा प्रेरणास्रोत है, और उन्होंने बच्चों को नियमित अभ्यास के लिए प्रेरित किया.
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सादगीपूर्ण व्यक्तित्व और सांस्कृतिक संकल्प
स्थानीय कलाकार दिनेश कुमार मौआर ने उस्ताद बिस्मिल्लाह खान के जीवन और उनके सादगीपूर्ण व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला. इस कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने उनकी संगीत यात्रा और उपलब्धियों को जाना तथा भारतीय कला-संस्कृति को आगे बढ़ाने का दृढ़ संकल्प लिया.
कार्यक्रम में शामिल हुए बाल कलाकार और शिक्षक
इस कार्यक्रम में संगीत के बच्चों खुशी कुमारी, आकांक्षा, अदिति, गौरव, अमन, सौरभ, विशाल, खुशी सहित अन्य ने उत्साहपूर्वक भाग लिया. इस अवसर पर नाटक प्रशिक्षक नंदकिशोर, नृत्य प्रशिक्षक गौतम कुमार गोलू समेत किलकारी के कई अन्य बच्चे और कर्मी मौजूद रहे.
