Bihar News: (संजीव कुमार सिन्हा, गया) पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी के खिलाफ सोशल मीडिया पर अभद्र भाषा और धमकी भरा वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया है. मगध प्रमंडल के आईजी विकास वैभव ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को प्राथमिकी दर्ज कर सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया है. पुलिस अब उस युवक की पहचान करने में जुटी है, जिसने वीडियो जारी कर खुलेआम धमकी दी थी.
वीडियो में दी गई हमला करने की धमकी
वायरल वीडियो में युवक बेहद आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते हुए जीतन राम मांझी और उनके परिवार को निशाना बना रहा है. वीडियो में वह कहता दिख रहा है कि ‘अभी तो समधिन पर हमला हुआ है, आगे आप पर भी हमला होगा.’ युवक ने वीडियो में गाली-गलौज और उग्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए यादव समाज के एक दारोगा का भी जिक्र किया और मांझी को चेतावनी दी. यह वीडियो बुधवार शाम सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसके बाद पुलिस विभाग एक्टिव हो गया.
IG विकास वैभव ने दिया सख्त संदेश
आईजी विकास वैभव ने कहा कि कोई भी व्यक्ति कानून को अपने हाथ में नहीं ले सकता. अगर किसी को किसी बात से शिकायत है तो उसे कानूनी प्रक्रिया के तहत अपनी बात रखनी चाहिए. उन्होंने साफ कहा कि सोशल मीडिया पर किसी भी व्यक्ति के खिलाफ अभद्र टिप्पणी या धमकी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी.
गया में दर्ज हुई FIR, अकाउंट की जांच शुरू
मामले को लेकर गया जिले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है. जिस सोशल मीडिया अकाउंट से वीडियो पोस्ट किया गया, उसका सत्यापन भी किया जा रहा है. एसएसपी सुशील कुमार ने बताया कि वीडियो सामने आने के बाद तुरंत केस दर्ज करने का आदेश दिया गया और युवक की पहचान के लिए कार्रवाई तेज कर दी गई है.
विधायक ज्योति मांझी विवाद के बाद बढ़ा मामला
दरअसल, यह पूरा विवाद बाराचट्टी विधायक ज्योति मांझी से जुड़े एक मामले के बाद शुरू हुआ. पिछले रविवार को विधायक ज्योति मांझी क्षेत्र भ्रमण पर निकली थीं. इसी दौरान रास्ते में साइड देने को लेकर विवाद हो गया.
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, मामूली कहासुनी जल्द ही तीखी बहस में बदल गई. आरोप है कि कुछ लोगों ने विधायक के साथ अभद्र व्यवहार किया और उनके सुरक्षाकर्मी के साथ धक्का-मुक्की भी की. घटना के बाद विधायक ने मोहनपुर थाने में लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की थी.
48 घंटे में 9 आरोपियों को भेजा गया जेल
शिकायत मिलते ही गया पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू की. एसएसपी सुशील कुमार के निर्देश पर लगातार छापेमारी की गई और 48 घंटे के भीतर नौ आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया. इसके बाद केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी थी. उन्होंने कहा था कि अगर आठ दिनों के अंदर मोहनपुर दारोगा पर कार्रवाई नहीं हुई तो वे डीएम और एसएसपी कार्यालय के बाहर धरना देंगे.
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