बिहार के इस जिले में 5000 मुर्गों की मौत से मचा हड़कंप, होली पर बर्ड फ्लू का साया

Bird Bird Flu Alert: बिहार में होली से ठीक पहले बर्ड फ्लू की आहट ने सबको डरा दिया है. गया के मानपुर में 5000 मुर्गों की मौत ने संक्रमण का खतरा बढ़ा दिया है. राजधानी पटना में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है. इस खौफ के कारण चिकन बाजार बुरी तरह गिर गया है.

Bihar Bird Flu Alert: होली के बीच बिहार में बर्ड फ्लू का खतरा मंडराने लगा है. गया जिले के मानपुर में एक पोल्ट्री फार्म में करीब 5000 मुर्गों की संदिग्ध मौत हो गई. चिंता की बात यह है कि फार्म के मालिक ने इतनी बड़ी घटना को दबाए रखा और प्रशासन को इसकी भनक तक नहीं लगने दी. जानकारों का कहना है कि एक साथ इतनी बड़ी तादाद में मुर्गों का मरना बर्ड फ्लू का ही संकेत है.

विभाग का हाथ खड़े करना चिंताजनक

पशुपालन विभाग के अधिकारियों ने स्वीकार किया कि यह स्थिति खतरनाक हो सकती है. विभाग की लाचारी भी सामने आई है. असिस्टेंट पोल्ट्री ऑफिसर डॉ. धर्मेंद्र कुमार का कहना है कि जिले में हजारों पोल्ट्री फार्म हैं और हर एक पर नजर रखना मुमकिन नहीं है.

पटना में भी बढ़ी सतर्कता

राजधानी पटना में भी बर्ड फ्लू को लेकर प्रशासन अलर्ट मोड पर है. पटना के संजय गांधी जैविक उद्यान और आसपास के पोल्ट्री इलाकों में सैंपलिंग तेज कर दी गई है. पटना के पशुपालन विभाग ने निर्देश दिया है कि अगर किसी भी फार्म या रिहायशी इलाके में पक्षी मृत पाए जाते हैं, तो तुरंत इसकी सूचना कंट्रोल रूम को दी जाए. पटना के बाजारों में बिकने वाले चिकन की भी रैंडम जांच के आदेश दिए गए हैं.

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बाजार पर बुरा असर

होली के सीजन में जहां चिकन की डिमांड और कीमतें आसमान छूती थीं. वह इस बार नजारा उल्टा है. बर्ड फ्लू की खबर फैलते ही ग्राहकों ने चिकन से दूरी बना ली है. दुकानदारों ने त्योहार के लिए भारी स्टॉक जमा किया था, लेकिन अब वे इसे सस्ते दामों पर बेचने को मजबूर हैं. दुकानदार ग्राहकों को लुभाने के लिए रेट कम कर रहे हैं. लेकिन सेहत के प्रति सचेत लोग जोखिम लेने को तैयार नहीं हैं.

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Published by: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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