शेरघाटी में दर्जनभर महिलाओं ने बीडीओ से की शिकायत प्रतिनिधि, शेरघाटी. शेरघाटी प्रखंड की चिलीम पंचायत के वार्ड संख्या दो, तीन और पांच से लगभग 50 की संख्या में महिलाओं ने मंगलवार को प्रखंड कार्यालय पहुंचकर प्रधानमंत्री आवास योजना में अनियमितता का आरोप लगाया है. महिलाओं ने जनता दरबार में बीडीओ स्नेहिल आनंद को आवेदन देकर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है. महिलाओं का कहना है कि उनका आवास सर्वे कराया गया था और सर्वे के दौरान फोटो भी लिया गया. इसके बावजूद उनका नाम लाभार्थी सूची में शामिल नहीं किया गया है. आरोप लगाया गया कि सूची में ऐसे लोगों के नाम दर्ज हैं, जिनके पास पहले से पक्का मकान है और आर्थिक रूप से सक्षम हैं. कई मामलों में एक ही घर के चार से पांच लोगों को आवास योजना का लाभ दिया गया है, जबकि जरूरतमंद परिवार आज भी दूसरे के घर में रहने को मजबूर हैं. खुशबू कुमारी और अमूल कुमार ने बताया कि वे चिलीम में दूसरे के घर में रहती हैं, फिर भी उन्हें आवास का लाभ नहीं मिला है. कालो देवी, धनु मांझी, नौकाडीह और मुन्नी देवी रजीगंज ने बताया कि उनके परिवार की स्थिति बेहद दयनीय है. मुन्नी देवी ने कहा कि उनके बेटे की मौत पांच साल पहले हो चुकी है, फिर भी उन्हें योजना से वंचित रखा गया है. महिलाओं ने वार्ड सदस्य महेंद्र मांझी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि आवास दिलाने के नाम पर किसी से दो हजार, तो किसी से पांच हजार रुपये की मांग की गयी है. आरोप है कि जिन लोगों ने पैसे दिये, उन्हें एक ही घर में कई लोगों के नाम पर आवास का लाभ मिला. रात्रि देवी और उनके तीन बेटों को भी आवास मिलने का मामला सामने आया है. महिलाओं ने आरोप लगाया कि वार्ड सदस्य का नाम स्वयं सबसे पहले सूची में है, जबकि उनके पास पहले से पक्का मकान मौजूद है. सुनीता देवी से पांच हजार रुपये की मांग और आरती कुमारी का पुराना मकान गिर जाने के बावजूद आवास नहीं मिलने की बात भी आवेदन में दर्ज है. बीडीओ ने मामले की जांच का आश्वासन दिया है.
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