गया में मनरेगा में एआइ से फर्जीवाड़ा, एक ही मजदूर एक ही समय में कई जगह कर रहा था काम

प्रखंड की परसावां पंचायत में मनरेगा के तहत कराये जा रहे कार्यों में एक बड़े और हाइटेक फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है.

कोंच. प्रखंड की परसावां पंचायत में मनरेगा के तहत कराये जा रहे कार्यों में एक बड़े और हाइटेक फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है. अधिकारियों की आंखों में धूल झोंकने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) या फोटो एडिटिंग का इस्तेमाल कर एक ही तस्वीर को अलग-अलग योजनाओं में एक ही समय पर कार्य करते हुए दिखाया गया है. इस तरह फर्जी हाजिरी बनाकर सरकारी राशि की हेराफेरी की कोशिश की गयी है. घोरहा गांव निवासी शिव नारायण कुमार द्वारा इस फर्जीवाड़े की लिखित शिकायत किये जाने के बाद प्रशासन हरकत में आया. डीएम के सख्त आदेश पर शुक्रवार को डीडीसी शैलेश कुमार दास और मनरेगा लोकपाल मिथिलेश यादव की संयुक्त टीम ने परसावां पंचायत के जैतिया गांव पहुंचकर मामले की स्थलीय जांच की.

तकनीकी जांच जारी, पीटीए पर लटकी तलवार

जांच के दौरान मनरेगा लोकपाल मिथिलेश यादव ने बताया कि शिव नारायण कुमार की शिकायत के आधार पर दस्तावेजों और मस्टर रोल की पड़ताल की गयी है. जांच में प्रथम दृष्टया यह बात सामने आयी है कि कई अलग-अलग योजनाओं में एक ही तरह की (डुप्लीकेट) तस्वीरें अपलोड की गयी हैं. इस संबंध में डीडीसी शैलेश कुमार दास ने भी पुष्टि करते हुए कहा कि एक ही तस्वीर का कई योजनाओं में इस्तेमाल संदिग्ध है. ऐसा किस तकनीकी कारण या हेराफेरी के उद्देश्य से किया गया है, इसकी जांच विभाग के एक्सपर्ट टेक्नीशियन से करायी जा रही है. बीडीओ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि तकनीकी जांच में आरोप सही पाये जाते हैं और फर्जीवाड़े की पुष्टि होती है, तो इसके लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार पंचायत तकनीकी सहायक (पीटीए) मुकेश कुमार से पूरी राशि की रिकवरी की जायेगी और उनके खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई होगी.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Pranjal pandey

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >