Gayaji News : गौतम बुद्ध महिला कॉलेज में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) एवं अहिल्याबाई होल्कर विचार मंच के संयुक्त तत्वावधान में गुरुवार को "अहिल्याबाई होल्कर : व्यक्तित्व एवं कृतित्व" विषय पर भाषण और निबंध प्रतियोगिता आयोजित की गई. कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को अहिल्याबाई होल्कर के आदर्श जीवन, सुशासन, सामाजिक सेवा और महिला सशक्तीकरण के योगदान से परिचित कराना था.
अहिल्याबाई के आदर्शों से छात्राओं को कराया गया परिचित
प्रतियोगिता के दौरान छात्राओं ने अहिल्याबाई होल्कर के जीवन, उनके प्रशासनिक कौशल, सामाजिक सुधारों और राष्ट्र निर्माण में योगदान पर अपने विचार प्रस्तुत किए. आयोजन का उद्देश्य छात्राओं में अभिव्यक्ति, चिंतन और लेखन क्षमता का विकास करना भी रहा.
महिला सशक्तीकरण की मिसाल हैं अहिल्याबाई : काशी
अहिल्याबाई होल्कर विचार मंच के सचिव काशी ने कहा कि आधुनिक भारत में महिला सशक्तीकरण की सबसे प्रेरक मिसाल अहिल्याबाई होल्कर हैं. उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में 28 वर्षों तक सफल शासन किया. साथ ही काशी विश्वनाथ मंदिर, सोमनाथ मंदिर और गया के विष्णुपद मंदिर सहित कई धार्मिक स्थलों के जीर्णोद्धार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
आज की महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत : डॉ. उमाशंकर सिंह
निर्णायक मंडल के सदस्य डॉ. उमाशंकर सिंह ने कहा कि अहिल्याबाई होल्कर आज की महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं. प्रतियोगिता के मूल्यांकन में डॉ. जया चौधरी और डॉ. सुनीता ने भी निर्णायक की भूमिका निभाई.
सती प्रथा के खिलाफ भी चलाया था अभियान
कॉलेज की प्राचार्य डॉ. सीमा पटेल ने छात्राओं का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं. वहीं डॉ. प्यारे मांझी ने कहा कि अहिल्याबाई होल्कर ने सती प्रथा जैसी सामाजिक कुप्रथा का विरोध किया और इसे रोकने के लिए प्रभावी प्रयास किए. कार्यक्रम में शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं बड़ी संख्या में छात्राओं की उपस्थिति रही.
