20 साल बाद ग्रामीणों पर थोपे गये बैंक लोन

ग्रामीणों के घर लोन की रिकवरी के लिए पहुंचे बैंकर्स, तो फर्जीवाड़े का खुलासा

ग्रामीणों के घर लोन की रिकवरी के लिए पहुंचे बैंकर्स, तो फर्जीवाड़े का खुलासा पूर्व मुखिया ने धाेखाधड़ी कर ग्रामीणों के नाम से उठाया लोन सेंट्रल बैंक जोगापुर का मामला, योजनाओं के नाम पर उठाये गये पैसे प्रत्येक ग्रामीण के नाम से 20 से 25 हजार रुपये तक उठाया लोन लोन की राशि बढ़ कर 90 हजार रुपये से एक लाख रुपये तक पहुंची फोटो-गया-शेरघाटी-01- थाने में शिकायत करने पहुंचे ग्रामीण महिला-पुरुष. प्रतिनिधि, शेरघाटी सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की जोगापुर शाखा से जुड़े एक पुराने फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है. इसमें 2006-07 के दौरान ग्रामीणों से कथित रूप से दस्तावेज लेकर उनके नाम पर लोन उठाये जाने का आरोप है. आरोप है कि उस समय पंचायत के मुखिया रहे कमलेश्वर मंडल और सुदर्शन शर्मा ने पेंशन व आवास योजना का लाभ दिलाने के नाम पर ग्रामीणों से वोटर कार्ड, फोटो और अंगूठा का निशान लिया. लेकिन, लाभ के बदले उनके नाम पर बैंक से ऋण ले लिया गया. पीड़ित ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें किसी भी योजना का लाभ नहीं मिला और न ही बैंक लोन की कोई जानकारी दी गयी. करीब 20 वर्ष बाद अचानक बैंक के कर्मचारी और पुलिस उनके घर पहुंचे और बताया कि उनके नाम पर लोन बकाया है. लोन नहीं चुकाने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गयी. इससे ग्रामीणों में भय और आक्रोश व्याप्त है. बताया गया है कि करीब सौ ग्रामीणों के नाम पर कपड़ा फैक्ट्री, सुअर पालन, बकरी पालन जैसी योजनाओं के तहत 20 से 25 हजार रुपये तक का लोन लिया गया था. समय के साथ ब्याज जुड़ने से अब यह राशि 90 हजार से एक लाख रुपये तक पहुंच गयी है. सेंट्रल बैंक के रिकवरी विभाग के कर्मी रविश कुमार ने वसूली की प्रक्रिया शुरू किये जाने की बात कही है. पीड़ितों में सीता देवी, फुलवा देवी, हरि मंडल, कमला देवी, कुंती देवी समेत राजाबिगहा और तेतरिया गांव के सैकड़ों ग्रामीण शामिल हैं. लाभुकों को जानकारी तक नहीं पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि जितेंद्र यादव ने बताया कि तेतरिया और राजाबिगहा पंचायत के ग्रामीणों से दस्तावेज लेकर उनके नाम पर जालसाजी की गयी. उन्होंने कहा कि लाभुकों को इसकी जानकारी तक नहीं दी गयी और अब उन्हें परेशान किया जा रहा है. मुखिया प्रतिनिधि ने यह भी बताया कि उस समय के मुखिया कमलेश्वर मंडल की मौत हो चुकी है, लेकिन पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए. ग्रामीणों ने प्रशासन से न्याय और लोन माफी की मांग की है.

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