मगध प्रमंडल में 35 व पटना प्रमंडल में 25 परीक्षा केंद्र बनाये गये हैं. सभी सात जिलों के लिए एक वरीय शिक्षक को मुख्य पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है. सभी परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थियों की संख्या के अनुरूप एक या दो पर्यवेक्षक नियुक्त करने करने का निर्देश केंद्राधीक्षक को दिया गया है. उन्होंने बताया कि सभी पर्यवेक्षक का दायित्व होगा कि केंद्र से उतरपुस्तिका के बंडल को जिला के मुख्यालय में उसी दिन जमा कर दें और इसकी सूचना परीक्षा नियंत्रक को भेज दें. प्रत्येक पाली की परीक्षा के उपरांत छात्रों की उपस्थिति व अनुपस्थिति से संबंधित विवरणी परीक्षा नियंत्रक को भेज दें. उन्होंने बताया कि इस परीक्षा को कदाचारमुक्त माहौल में संपन्न कराने के लिए गृह सचिव व सभी जिलों के डीएम को पत्र भेजा गया है.
कदाचार मुक्त परीक्षा को लेकर कुलपति गंभीर
बोधगया: पांच अप्रैल से मगध व पटना प्रमंडल के 60 केंद्रों पर शुरू होनेवाले स्नातक पार्ट थ्री की परीक्षा को स्वच्छ व कदाचार मुक्त माहौल में संपन्न कराने को लेकर कुलपति प्रो (डॉ) मोहम्म्द इश्तियाक गंभीर हैं. इस बाबत कुलपति ने एमयू के अधिकारियों व गया, औरंगाबाद, जहानाबाद, पटना व बिहारशरीफ सहित सात जिलों में […]

बोधगया: पांच अप्रैल से मगध व पटना प्रमंडल के 60 केंद्रों पर शुरू होनेवाले स्नातक पार्ट थ्री की परीक्षा को स्वच्छ व कदाचार मुक्त माहौल में संपन्न कराने को लेकर कुलपति प्रो (डॉ) मोहम्म्द इश्तियाक गंभीर हैं. इस बाबत कुलपति ने एमयू के अधिकारियों व गया, औरंगाबाद, जहानाबाद, पटना व बिहारशरीफ सहित सात जिलों में बनाये गये परीक्षा केंद्रों के प्रमुखों के साथ शुक्रवार को उच्च स्तरीय बैठक की.
उन्होंने सभी अधिकारियों से दो टूक कहा कि परीक्षा स्वच्छ व कदाचारमुक्त माहौल में परीक्षा संपन्न हो, इसके लिए हर प्रकार का होमवर्क दुरूस्त कर लें. इस दौरान बैठक में मौजूद परीक्षा नियंत्रक डॉ इसराइल खां, सहायक परीक्षा नियंत्रक प्रभारी (शाखा कार्यालय पटना), गया कॉलेज के प्राचार्य प्रो शमशुल इसलाम सहित अन्य अधिकारियों ने अपने-अपने विचार रखें. परीक्षा नियंत्रक डॉ इसराइल खां ने बताया कि सात जिलों में 60 परीक्षा केंद्र बनाये गये हैं.