गया: एक अप्रैल से शराबबंदी लागू होने के बाद प्रशासन ने करीब 63 हजार तीन सौ लीटर देसी शराब को नष्ट किया गया है. वहीं 354 लीटर विदेशी शराब भी जब्त की गयी है. जानकारी के अनुसार, शहर में जल्द ही सरकारी विदेशी शराब की दुकानें खोल
दी जायेंगी.
इधर, दूसरे दिन ही शहर में कई जगह धंधेबाज देसी शराब छुप-छुपाकर बेचते नजर आये. गौरतलब है कि शराबबंदी लागू होने के पहले शाम में कई दुकानदार स्टॉक खत्म करने के लिए दोपहर व शाम में पंद्रह, तो रात आठ बजे के बाद पांच रुपये में देसी शराब की बोतलें बेचते नजर आये थे. लेकिन, शराबबंदी लागू होने के बाद दूसरे दिन ही शहर के कई मुहल्ले में चौगुने दाम पर शराब बेचने की खबर सूचना है. हालांकि सहायक उत्पाद आयुक्त विकास कुमार सिन्हा ने कहा कि शहर में कहीं भी अवैध रूप से शराब बेचने की सूचना नहीं मिली है. इस मामले में अब तक एक भी गिरफ्तारी नहीं हुई है.
जल्द बनेंगे दो स्थायी चेकपोस्ट : सहायक उत्पाद आयुक्त विकास कुमार सिन्हा ने बताया कि इमागंज-डुमरिया मोड़ व हंटरगंज डोभी (धीरजा पुल)बॉर्डर पर झारखंड से शराब की तस्करी रोकने के लिए स्थायी चेकपोस्ट बनाया जा रहा
है. यहां पर अबकारी व पुलिस की मदद से शराब की तस्करी रोकने के लिए आने वाले वाहनों की चेकिंग की जायेगी.
288 कर्मचारी तैनात होंगे दुकानों पर
सरकारी विदेशी शराब की 24 दुकानों पर 288 कर्मचारियों को तैनात किया जायेगा. इसमें दुकान प्रबंधक, सेल्स मैन, सिक्यूरिटी गार्ड व पुलिस पदाधिकारी होंगे. शराब गोदाम प्रबंधक राजेंद्र प्रसाद गुप्ता ने बताया कि अभी तक शहर में एक भी दुकान शुरू नहीं की गयी है. दुकान शुरू करने में एक सप्ताह का समय लग जायेगा. एेसे एक दो दिनों में किसी तरह से कुछ दुकानों को शुरू कर दिया जायेगा. श्री गुप्ता ने बताया कि गोदाम से गाड़ी द्वारा दुकान तक शराब पहुंचाने की व्यवस्था होगी.
खाली बोतलों के लिए मारा-मारी
नष्ट किये गये देशी शराब की प्लास्टिक बोतल के लिए कूड़ा चुनने वाले मारा मारी कर रहे हैं. आलम यह है कि इन वेस्टेज को अगर सरकारी तौर पर बेचा जाता है, तो हजारों रुपये सरकारी खजाने में आते. लेकिन वेस्टेज को शराब गोदाम में फैलाकर छोड़ दिया गया है. इनको चुनने के लिए कई लड़के लगे हैं.
शराब की एक दुकान में कर्मचारियों की संख्या
दुकान प्रबंधक 02
सेल्समैन 03
सिक्यूरिटी गार्ड 03
पुलिस बल 03
पुलिस पदाधिकारी 01
