समाज अनुशासनहीनता की अनुमति नहीं देता

समाज अनुशासनहीनता की अनुमति नहीं देताफोटो – सिटी 01 – वाद-विवाद प्रतियोगिता में शामिल विद्यार्थी. गया कॉलेज में ‘बाल अपराध कानून में आयु 18 से 16 वर्ष करना एक अनुचित कदम’ विषय पर वाद-विवाद प्रतियोगिता विद्यार्थियों ने विषय के पक्ष व विपक्ष में रखे अपने-अपने विचारसंवाददाता, गया समाज किसी को भी अनुशासनहीनता की अनुमति नहीं […]

समाज अनुशासनहीनता की अनुमति नहीं देताफोटो – सिटी 01 – वाद-विवाद प्रतियोगिता में शामिल विद्यार्थी. गया कॉलेज में ‘बाल अपराध कानून में आयु 18 से 16 वर्ष करना एक अनुचित कदम’ विषय पर वाद-विवाद प्रतियोगिता विद्यार्थियों ने विषय के पक्ष व विपक्ष में रखे अपने-अपने विचारसंवाददाता, गया समाज किसी को भी अनुशासनहीनता की अनुमति नहीं देता. उम्र की नैतिकता को समझने की जरूरत है. उम्र दोषी नहीं होता, मानसिकता दोषी होती है. ये बातें गया कॉलेज में ‘बाल अपराध कानून में आयु 18 से 16 वर्ष करना एक अनुचित कदम’ विषय पर वाद-विवाद प्रतियोगिता में कॉलेज के छात्र अानंद कुमार ने कहीं. आनंद कुमार ने कहा कि बालपन में की गयी गलती में सुधार के लिए सजा देना ही एक मात्र विकल्प नहीं है. बाल अपराधी के विचारों में परिवर्तन उसे अच्छे माहौल में रख कर भी कराया जा सकता है. छात्र अंकुर श्रीवास्तव ने बाल अपराध कानून में परिवर्तन का समर्थन करते हुए कहा कि उम्र सीमा कम करना उचित है. इसके बाद बाल अपराधी की संख्या में गिरावट आयेगी. बाल अपराधी पहले के कानून में आयु में मिली छूट मिलने के कारण बड़े अपराध करके भी राहत पा जाते हैं. जिस अपराध के लिए एक व्यस्क व्यक्ति को उम्रकैद या फांसी की सजा होती है, उसी तरह का अपराध में बाल अपराधी महज तीन साल में आजाद हो जाते हैं. निशांत कुमार ने कहा कि बदले की भावना से कानून परिवर्तन करना अनुचित है. भारतीय कानून सुधार में विश्वास रखती है. 16 साल के अपराधी किसी के बहकावे में आकर कोई अपराध करता है, तो उसे नये कानून के हिसाब से उसे भी सामान्य अपराधी माना जायेगा. ऐसे में जेल में रह कर बाल अपराधी सुधरने के बजाय अपराध की राह पकड़ेंगे. वाद-विवाद प्रतियोगिता में प्रतिमा, विवेक राज, नवनीत व संतोष कुमार समेत 35 विद्यार्थियों ने भाग लिया. निर्णायक मंडल में डॉ इम्तियाज खा, डॉ पांडेय ओमप्रकाश, डॉ सरिता वीरांगना, डॉ बच्चू शुक्ला, डॉ अभय नारायण सिंह व डॉ सोनू अनपूर्णा थे. गौरतलब है कि गया कॉलेज में स्वामी विवेकानंद जयंती के उपलक्ष्य में सात से नौ जनवरी तक विद्यार्थियों के बीच कई प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है. इसके बाद 11 जनवरी को कॉलेज में स्वामी विवेकानंद जीवन व दर्शन विषय पर विचार गोष्ठी व 12 जनवरी को स्वामी विवेकानंद जयंती पर सीबी रमण हॉल में आयोजित युवा महाेत्सव में प्रथम व द्वितीय स्थान पर रहे विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया जायेगा.

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