तस्करी के लिए ले जाये जा रहे थे पश्चिम बंगाल
अज्ञात तस्करों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज
गया : गया जंकशन पर देहरादून-हावड़ा दून एक्सप्रेस में शुक्रवार को छापेमारी कर आरपीएफ व जीआरपी की टीम ने 44 जीवित कछुए बरामद किये. कछुओं को तस्करी के लिए पश्चिम बंगाल ले जाया जा रहा था.आरपीएफ इंस्पेक्टर आरआर सहाय ने बताया कि सूचना मिली थी कि दून एक्सप्रेस के एस-छह कोच के बर्थ नंबर सात-आठ की सीट के नीचे दो बोरियों में कछुए रखे गये हैं.
उन्हें मुगलसराय से हावड़ा ले जाया जा रहा है. उक्त ट्रेन गया जंकशन पर शुक्रवार की रात करीब 12.15 बजे पहुंची. आरपीएफ एसआइ साकेत कुमार ने गश्ती ड्यूटी पर तैनात एएसआइ सीताराम सिंह व आरक्षी अमित कुमार सिंह के अलावा जीआरपी के एएसआइ हरिलाल प्रसाद के साथ छापेमारी कर उक्त कोच से प्लास्टिक की दो बोरियों में बंद कछुए बरामद कर लिये. सभी जिंदा थे. इनमें चार बड़े व 40 छोटे थे. उन्होंने बताया कि किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है. बोरियां लावारिस हालत में रखी गयी थीं.
हालांकि, अधिकारियों ने कोच के कुछ यात्रियों से पूछताछ भी की, पर तस्करों का सुराग नहीं मिल सका. इस बाबत अज्ञात तस्करों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है. आरपीएफ ने सभी कछुओं को वन विभाग को सौंप दिया. वन विभाग के डीएफओ डॉ नेशमणि ने बताया कि कछुओं को तस्करी के लिए पश्चिम बंगाल ले जाया जा रहा था. छापेमारी कर दो बोरियों में बंद 44 कछुए बरामद किये गये हैं. रेल काेर्ट के आदेश पर उन्हें नदी में छोड़ दिया जायेगा.
इधर, रेल पुलिस सूत्रों की मानें, तो मुगलसराय जंकशन पर उक्त ट्रेन में छापेमारी की गयी थी. इसमें छह-सात लोगों की गिरफ्तारी भी हुई थी. पुलिस का यह भी मानना है कि उत्तर प्रदेश के जौनपुर में कछुआ तस्करों का गिरोह सक्रिय है. वे ट्रेनों से कछुओं की तस्करी करते हैं. पश्चिम बंगाल के मेदिनीपुर में कछुओं की काफी डिमांड है.
