नैतिक मूल्यों से व्यक्तित्व व व्यवहार में निखारगया. नैतिक मूल्यों से व्यक्तित्व व व्यवहार में निखार आता है. आज के युवा फूहड़ सिनेमा, फैशन व कुसंगति के कारण भटक गये हैं. युवा वर्ग समझ का इस्तेमाल किये बगैर उसी का नकल कर रहा है. उक्त बातें ब्रह्मकुमारी माउंटआबू, राजस्थान के वक्ता राजयोगी भगवान भाई ने कहीं. वह नैतिक शिक्षा पर आयोजित व्याख्यान में बोल रहे थे. उन्होंने कहा कि शिक्षा द्वारा ही हम जीवन जीने का कौशल्य प्राप्त कर सकते हैं, भौतिक जीवन में भावनात्मक रूप से जीवन जीने की सफलता प्राप्त कर सकते हैं. भगवान भाई ने कहा कि भौतिक शिक्षा द्वारा हम रोजगार प्राप्त करने की डिग्री प्राप्त कर सकते हैं. परिवार, समाज व कार्यस्थल पर आने वाली चुनौतियों व परेशानियों का सामना करने के लिए नैतिक शिक्षा की आवश्यकता होती है. इस मौके पर ब्रह्मकुमारी रांची केंद्र की संचालिका बीडे निर्मला बहन ने कहा कि आज के बच्चे कल का समाज हैं. बच्चों के संस्कारिक विकास के बाद ही हम अच्छे समाज की परिकल्पना कर सकते हैं. केंद्रीय विद्यालय के उपप्राचार्य श्रीमती प्रफुल्ल लकड़ा ने कहा कि बच्चों को संस्कारिक बनाना ही विद्यालय का मुख्य लक्ष्य है. नैतिक शिक्षा द्वारा प्राप्त चरित्र ही हमारी मुख्य संपत्ति है. इस मौके पर बीके प्रदीप, बीके सुजीन, के अमरदीप व बीके बालदेव मौजूद रहे. कार्यक्रम का संचालन ब्रह्माकुमारी केंद्र नूर कंपाउंड की संचालिका निर्मला बहन ने की. निर्मला बहन ने बताया कि 25 दिसंबर को धर्मसभा भवन में आध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया जायेगा.
नैतिक मूल्यों से व्यक्तत्वि व व्यवहार में निखार
नैतिक मूल्यों से व्यक्तित्व व व्यवहार में निखारगया. नैतिक मूल्यों से व्यक्तित्व व व्यवहार में निखार आता है. आज के युवा फूहड़ सिनेमा, फैशन व कुसंगति के कारण भटक गये हैं. युवा वर्ग समझ का इस्तेमाल किये बगैर उसी का नकल कर रहा है. उक्त बातें ब्रह्मकुमारी माउंटआबू, राजस्थान के वक्ता राजयोगी भगवान भाई ने […]
