गया : संविधान बचाओ मोर्चा के बैनर तले कटारी हिल रोड के शांतिबाग में चल रहे अनिश्चितकालीन धरना के 43वें दिन अपना समर्थन करने जमात-ए-इस्लामी हिंद के प्रदेश अध्यक्ष रिजवान अहमद इस्लाही, शायर अनवर फरीदी पहुंचे. रिज़वान अहमद इस्लाही ने कहा मोदी-शाह की सरकार का अंत होने का समय आ चुका है, 80 प्रतिशत जनता सड़क पर है लेकिन इनको इस देश की जनता से कोई मतलब नहीं है.
एनपीआर को वापस ले सरकार : रिजवान
गया : संविधान बचाओ मोर्चा के बैनर तले कटारी हिल रोड के शांतिबाग में चल रहे अनिश्चितकालीन धरना के 43वें दिन अपना समर्थन करने जमात-ए-इस्लामी हिंद के प्रदेश अध्यक्ष रिजवान अहमद इस्लाही, शायर अनवर फरीदी पहुंचे. रिज़वान अहमद इस्लाही ने कहा मोदी-शाह की सरकार का अंत होने का समय आ चुका है, 80 प्रतिशत जनता […]

क्योंकि ये फासीवादी लोग हैं, इनको जनता की समस्या से कोई लेना देना नही है. ऐसी सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए पूरा देश तैयार है. बिहार के मुख्यमंत्री एक तरफ कहते हैं कि बिहार में एनआरसी लागू नहीं होगा और रातों रात एनपीआर को लागू करने के लिए बिहार गजट लागू कर दिया जाता है.
सब लोग जानते हैं कि एनपीआर ही एनआरसी का पहला कदम है. बिहार सरकार अपने निर्णय को वापस ले. इस मौके पर प्रो बदीउज्जमां, वसीम नैयर अंसारी, सतीश कुमार दास, तमीमुद्दीन हम्बल, शकील अख्तर, प्रभात पासवान, सैफी खान, नगमा, यशम, फातमा, कायनात व अन्य मौजूद थे.
12 को रंगलाल हाईस्कूल में होगी कन्हैया की सभा, शेरघाटी. जेएनयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार आगामी 12 फरवरी को शेरघाटी के रंगलाल हाई स्कूल के मैदान में एक सभा को संबोधित करेंगे.
उक्त आशय की जानकारी रविवार को प्रेसवार्ता कर एआइएसएफ के राष्ट्रीय सचिव सुशील कुमार ने दी. उन्होंने कहा कि देश बचाओ संविधान बचाओ यात्रा गत 30 जनवरी से पश्चिम चंपारण के भितिहरवा से शुरू की गयी है. 27 फरवरी को पटना के गांधी मैदान में पहुंच कर समाप्त होगी.
उन्होंने बताया कि कन्हैया कुमार पहले इमामगंज में आयोजित सभा में शामिल होने के बाद शेरघाटी में सभा को संबोधित करेंगे. इसके बाद यहां औरंगाबाद जाने के क्रम में हमजापुर में चल रहे धरने में भी शामिल होंगे. इस दौरान जाप नेता उमैर उर्फ टिक्का खान, एआइएसएफ के राज्य परिषद के सदस्य मेराज आलम आदि मौज्ूद थे.
नादरागंज में बनी शृंखला
गया. सीएए,एनपीआर और एनआरसी के विरोध में नादरागंज के लोगों ने रविवार को दो घंटे की मानव शृंखला तैयार की. सड़क के दोनों किनारे कुर्सी लगा कर शृंखला बनायी. इसमें बड़ी संख्या में महिलाएं व बुजुर्ग शामिल रहे. सभी ने हाथों मेंं तख्ती लेकर नागरिकता संशोधन कानून का विरोध किया.