बोधगया : करोड़ों बौद्ध श्रद्धालुओं के आस्था का केंद्र महाबोधि मंदिर स्थित पवित्र बोधिवृक्ष पूरी तरह स्वस्थ है. फिलहाल बोधिवृक्ष में किसी तरह की बीमारी का प्रकोप नहीं है और उसे पोषक तत्व उपलब्ध हो रहे हैं. बोधिवृक्ष की पिछले कई वर्षों से नियमित चेकअप कर रहे फाॅरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट (एफआरआइ) देहरादून के पौधा वैज्ञानिक डॉ अमित पांडेय व डॉ संतन भर्तवाल ने सोमवार को बोधिवृक्ष के स्वास्थ्य की जांच के बाद उक्त जानकारी दी. वैज्ञानिकों ने कहा कि अमूमन बरसात के दिनों में पेड़-पौधों में कीटों का प्रकोप हो जाता है और वे अस्वस्थ हो जाते हैं.
पूर्णतया स्वस्थ है बोधिवृक्ष
बोधगया : करोड़ों बौद्ध श्रद्धालुओं के आस्था का केंद्र महाबोधि मंदिर स्थित पवित्र बोधिवृक्ष पूरी तरह स्वस्थ है. फिलहाल बोधिवृक्ष में किसी तरह की बीमारी का प्रकोप नहीं है और उसे पोषक तत्व उपलब्ध हो रहे हैं. बोधिवृक्ष की पिछले कई वर्षों से नियमित चेकअप कर रहे फाॅरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट (एफआरआइ) देहरादून के पौधा वैज्ञानिक […]

लेकिन, फिलहाल बोधिवृक्ष पूर्णतया स्वस्थ है और इसे पोषक तत्व भी उपलब्ध हो रहे हैं. हालांकि, सूख चुकीं टहनियों को कटाने व कटिंग प्वाइंट के रास्ते पानी का रिसाव नहीं होने पाये, इसके लिए चौबटिया पेस्ट लगाया जा रहा है और पत्तियों को और स्वस्थ रखने व किसी तरह की बाहरी कीट के प्रभाव से बचाने के लिए दवा का छिड़काव कराया जा रहा है.
पौधा वैज्ञानिकों ने मंदिर परिसर स्थित छह-सात दूसरे वृक्षों की भी जांच की व इस दौरान लाल पत्थर पर स्थित पुराना नीम के पेड़ में कीड़े लगे पाये गये. पौधा वैज्ञानिकों ने बीटीएमसी के सचिव को सलाह दी कि नीम के पेड़ को काट दिया जाये. ताकि इसके कीटों से आसपास के अन्य वृक्ष प्रभावित नहीं होने पाये.
इस दौरान पौधा वैज्ञानिकों ने बोधिवृक्ष की जड़ सहित शाखाओं व पत्तियों की गहन जांच की. इस मौके पर बीटीएमसी के सचिव एन दोरजे, महाबोधि मंदिर के मुख्य पुजारी भिक्खु चालिंदा, केयर टेकर भिक्खु दीनानंद, बीटीएमसी के सदस्य डॉ अरविंद कुमार सिंह, सचिव के पीए गजेंद्र कुमार सहित अन्य मौजूद थे.