गुरुआ (गया) : गुरुआ प्रखंड के कठवारा गांव का लखन विश्वकर्मा का परिवार हर साल ताजिया बना कर व एक जुलूस निकाल कर आपसी सौहार्द की मिसाल पेश करते हैं. बढ़ती उम्र के कारण इस बार वह खुद ताजिया बनाने में सक्षम नहीं हुए, तो यह जिम्मेदारी उनके पुत्र अशोक विश्वकर्मा ने संभाली व पारिवारिक परंपरा को निभाते हुए ताजिया बनाया.
100 वर्षों से ताजिया बना रहा हिंदू परिवार
गुरुआ (गया) : गुरुआ प्रखंड के कठवारा गांव का लखन विश्वकर्मा का परिवार हर साल ताजिया बना कर व एक जुलूस निकाल कर आपसी सौहार्द की मिसाल पेश करते हैं. बढ़ती उम्र के कारण इस बार वह खुद ताजिया बनाने में सक्षम नहीं हुए, तो यह जिम्मेदारी उनके पुत्र अशोक विश्वकर्मा ने संभाली व पारिवारिक […]

अशोक ने बताया कि ताजिया बनाने में 10 हजार रुपये के आसपास खर्च होते हैं. खास बात तो यह है कि ताजिया बनाने में पूरा परिवार सहयोग करता है. उन्होंने बताया कि ताजिया को लेकर गेरुआ मिलान के लिए भी जाते हैं, जिसमें गांव के लोग भरपूर मदद करते हैं. इस काम के लिए उन्हें थाने से लाइसेंस भी निर्गत किया जाता है.
वह इलाके में पहला हिंदू परिवार है जिससे थाना के द्वारा लाइसेंस जारी किया जाता है. अशोक ने बताया कि पिछले 100 वर्षों से उनका परिवार ताजिया बना रहा है. परिवार के इस काम के लिए आसपास के लोगों से प्रशंसा मिलती है. आसपास के गांव के लोग उत्सुकता पूर्वक उनके ताजिया को देखने आते हैं.