गया : बहन के शव को हाथ में उठाकर एंबुलेंस तक ले जाने के मामले में मगध मेडिकल अस्पताल अधीक्षक ने जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी बनायी है. कुछ कर्मचारियों से इसके लिए स्पष्टीकरण भी पूछा गया है. लेकिन, इससे पहले भी कई बार अस्पताल में कुछ-कुछ मामले के लिए कमेटी बनी, स्पष्टीकरण पूछे गये.
लेकिन, कार्रवाई नहीं होने से कर्मचारी पूरी तौर से निडर हो गये हैं. कर्मचारी दबी जुबान से चर्चा करते रहे कि जांच कमेटी में रिपोर्ट कुछ भी आये, कर्मचारी स्पष्टीकरण में लिख कर कुछ भी दें कार्रवाई सिफर ही रहनी है.
ऐसे इस बार अधीक्षक बिजय कृष्ण प्रसाद ने साफ तौर पर कहा है कि दोषियों को बख्शा नहीं जायेगा. अधीक्षक ने बताया कि उपाधीक्षक डॉ पीके अग्रवाल, नेत्र विभाग के डॉ अर्जुन प्रसाद व डॉ एनके पासवान की तीन सदस्यीय जांच कमेटी बनायी गयी है. कमेटी से 48 घंटे के अंदर जांच रिपोर्ट देने को कहा गया है. रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई तय है.
गौरतलब है कि बुधवार को डुमरिया प्रखंड के पथरा गांव की एक लड़की की मौत मगध मेडिकल में हो गयी थी. उसके बाद शव घर ले जाने के लिए मृतका के भाई ने सात घंटे तक अस्पताल के अधिकारियों से आरजू मिन्नत की, लेकिन उसे एंबुलेंस नहीं मिला था. इतना ही नहीं, प्राइवेट एंबुलेंस ठीक किया, तो उसे एंबुलेंस तक इमरजेंसी वार्ड से शव को ले जाने के लिए स्ट्रेचर भी नहीं दिया गया. भाई को अपनी बहन का शव हाथ में उठाकर एंबुलेंस तक ले जाना पड़ा था.
हटाया गया शराब के नशे में धुत ड्राइव
अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल से युवती का शव नहीं ले जाने व परिजन के साथ बदसलूकी करने के आरोप में 102 एम्बुलेंस चालक राजनन्दन यादव को हटा दिया गया है. जिला स्वास्थ्य समिति के डीपीएम निलेश कुमार ने बताया कि ड्राइवर प्राइवेट एजेंसी का था. मगध मेडिकल अस्पताल प्रशासन से शिकायत मिलने पर उसे हटा दिया गया है.
साथ ही एजेंसी को चेतावनी दी गयी है कि आगे से कोई ड्राइवर इस तरह की लापरवाही नहीं बरते, इसका पूरा ध्यान रखा जाये. गौरतलब है कि बहन के शव को ले जाने के मामले में ही युवक से चालक ने शराब के नशे में की थी बदसलूकी.
