गया : शहर के मेयर वीरेंद्र कुमार, डिप्टी मेयर अखौरी ओंकारनाथ उर्फ मोहन श्रीवास्तव व नगर आयुक्त कंचन कपूर के बीच पिछले तीन महीनों से मचे घमसान पर शनिवार को डीएम अभिषेक कुमार ने पूर्ण विराम लगा दिया है. शनिवार को डीएम ने मामले में हस्तक्षेप कर अपने आवास पर उक्त तीनों को बुला कर सारी वस्तुस्थिति की जानकारी ली.
नगर आयुक्त कंचन कपूर से डीएम ने पूछा कि किन कारणों से ऐसे हालात बने कि उन्हें कोर्ट में इंफोरमेटरी पेटिशन डालना पड़ा, जबकि उन्हें नगर आयुक्त का पदभार ग्रहण किये कुछ ही महीने बीते है. इस पर नगर आयुक्त ने कहा कि उन्हें धमकाया गया और जबरन संचिकाओं व चेक पर साइन करने को बाध्य किया गया. इस पर डीएम ने कहा कि बिहार नगर पालिका अधिनियम के तहत कार्यपालक पदाधिकारी को जो शक्तियां व दायित्व दिया गया है उसी के अनुरूप में काम करें.
सूत्रों के हवाले से प्राप्त जानकारी के अनुसार, डीएम ने नगर आयुक्त को कहा कि वे प्रशासनिक काम पर फोकस करें, न कि राजनीतिक पचड़े में फंसे. मेयर वीरेंद्र कुमार व डिप्टी मेयर मोहन श्रीवास्तव ने कहा कि पॉलीथिन बंद, शराबबंदी व स्वच्छता अभियान के प्रचार-प्रसार में वित्तीय अनियमितता का आरोप नगर आयुक्त ने सरकार को भेजी चिट्ठी में कही है वह पूरी तरह से गलत है.
नगर विकास व आवास विभाग के मंत्री, प्रधान सचिव व समय-समय पर प्राप्त मार्गदर्शन के आलोक में ही राशि खर्च हुई है. डीएम ने नालों की सफाई व जलसंकट को लेकर नगर आयुक्त को आदेश दिया कि संबंधित कर्मियों को अग्रिम भुगतान करते हुए काम शुरू करवाएं.
